ताजा खबर
तालाब निर्माण में रोजगार व तकनीकी सहायक पर मिलीभगत का आरोप
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 15 मार्च। ग्राम पंचायत पोटिया के आश्रित ग्राम अमेठी में ग्रामीण मजदूरों द्वारा माँग किये जाने पर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी के तहत 6 लाख रुपये का नया तालाब निर्माण स्वीकृत पश्चात ग्रामीणों द्वारा कार्य किया गया।
उक्त कार्य का मजदूरी भुगतान महज 11 रु प्रतिदिन के हिसाब से किया गया। जिससे रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक के इस कृत्य से नाराज व आक्रोशित सभी ग्रामीण मजदूर कलेक्टर जनदर्शन में पहुंच जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग किया।

ग्रामीणों से मिली जानकारी अनुसार अमेठी ग्राम के ग्रामीणों ने रोजगार सहायक से काम की मांग किया, जिस पर कार्य नहीं होना बताया गया, जिस पर सांसद प्रतिनिधि ईश्वर वर्मा मनरेगा के तहत सांसद से नया तालाब की स्वीकृति मिलने पर 10 जनवरी से राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी के तहत कार्य प्रारंभ किया गया, जिसमें मजदूरों द्वारा दो सप्ताह कार्य किया जाना बताया, किंतु रोजगार सहायक व तकनीकी सहायक द्वारा 11 रु प्रतिदिन के हिसाब से 5 दिन का 55 रुपये भुगतान होने पर आक्रोशित ग्रामीण मजदूर कलेक्टर नम्रता गांधी से शिकायत जाँच की मांग किया। जिस पर तत्काल कार्यवाही के लिए जिला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव को सौपा गया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी व्यथ बताते हुए जांच की मांग किया।

जिला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव का कहना है कि ग्रामीणों द्वारा रोजगार सहायक सही कार्य किये जाने पर मजदूरों की राशि काटी जा रही है कि शिकायत, किये गये कार्य का मूल्यांकन सही नहीं, राशि काटी जा रही हैं इस शिकायत पर जाँच के लिए जिला मनरेगा शाखा में टीम गठित करने निर्देश किया है, जाँच उपरान्त रिपोर्ट आने पर जो भी दोषी पाए जने पर उचित कार्यवाही का आश्वासन।
ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए सांसद प्रतिनिधि ईश्वर वर्मा, आनंद ठाकुर, सिमा जांगड़े, रोमा दास, सरिता द्वारा सभी ग्रामीणों मजदूरों को कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ जांच की मांग किया। वहीं जिसमें प्रमुख रूप से सालिकराम, किसन, हिरऊराम, चम्मन बंशीलाल बेनुराम गोड, दसमत, कुन्ती, सुशीला, राम दुलारी, राधेलाल, कालिया, कामन्ता, सुरजा बाई ग्रामीणों का कहना है कि दो सप्ताह कार्य किया गया, जिसका रोजगार सहायक व तकनीकी सहायक द्वारा गलत तरीके से मूल्यांकन किये जाने का आरोप लगाया जा रहा हैं। इसके पूर्व जनपद पंचायत सीईओ को रोजगार सहायक को उनके हटाने के लिए जनपद पंचायत सीईओ को आवेदन सौपा गया था।



