कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 8 जून। वन मंत्री केदार कश्यप ने शनिवार को मर्दापाल मंडल के विभिन्न ग्राम पंचायतों में पहुंचकर 4 करोड़ 6 लाख 67 हजार रुपए की लागत से स्वीकृत विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र में सडक़, शिक्षा, सामुदायिक सुविधाओं और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को नई गति मिलेगी।
मंत्री केदार कश्यप ने सबसे पहले ग्राम चांगेर में लगभग 77.96 लाख रुपए की लागत से पुलिया निर्माण, नवीन प्राथमिक शाला भवन, सीसी सडक़, रंगमंच एवं सामुदायिक भवन निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।
इसके बाद ग्राम मूलनार में लगभग 90.79 लाख रुपए की लागत से पुलिया, बाउंड्रीवाल, सीसी सडक़ एवं अन्य आधारभूत संरचना विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।
ग्राम पंचायत रानापाल, कोंगेरा, मुंगवाल एवं चेरंग में लगभग 28 लाख रुपए की लागत से पुलिया एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी गई।
इसी क्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने ग्राम पंचायत हथकली, मटवाल, पेरमापाल, नरिहा एवं आदनार में लगभग 99.99 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन, सीसी सडक़, नवीन शाला भवन एवं पुलिया निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया और ग्राम बड़ेकुरुषनार में लगभग 88.14 लाख रुपए की लागत से पुलिया, रंगमंच, आहाता, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, नवीन प्राथमिक शाला भवन, सांस्कृतिक भवन एवं पंचायत भवन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।
इसके अतिरिक्त ग्राम बेचा में लगभग 21.79 लाख रुपए की लागत से रंगमंच एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी।
ग्रामीण विकास को नई दिशा देंगे ये निर्माण कार्य
भूमिपूजन कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सडक़, शिक्षा, सामुदायिक अधोसंरचना और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मजबूत सडक़ नेटवर्क, बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और सामुदायिक भवन गांवों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास की आधारशिला हैं।
अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की विभिन्न सेवाओं का लाभ गांव में ही उपलब्ध हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन और सडक़ें बनाना नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक गतिविधियों और जनसुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।


