कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 6 जून। सर्व विभागीय दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र बघेल के नेतृत्व में कर्मचारियों ने स्थानीय सर्किट हाउस में उपमुख्यमंत्री अरुण साव को ज्ञापन सौंपकर नियमितीकरण सहित विभिन्न मांगों पर कार्रवाई की मांग की।
संघ के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में कहा कि 1 जनवरी 1998 के बाद नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण अब तक नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि इस कारण कई कर्मचारी लंबे समय से अस्थायी स्थिति में कार्य कर रहे हैं और कुछ कर्मचारी सेवानिवृत्ति की आयु के करीब पहुंच चुके हैं।
संघ ने दावा किया कि नियमितीकरण की मांग को लेकर विभिन्न सरकारों के समक्ष लगातार निवेदन किया जाता रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान जारी घोषणा पत्र में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का आश्वासन दिया गया था। कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
ज्ञापन में संघ ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2018 के चुनावी घोषणा पत्र में भी नियमितीकरण का वादा किया गया था। संघ का आरोप है कि कर्मचारियों से किए गए वादे पूरे नहीं हुए। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर ध्यान नहीं दिए जाने की स्थिति में कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से पांच प्रमुख मांगें रखीं— 1. वर्ष 1998 के बाद नियुक्त सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए। 2. शासन के आदेशानुसार सभी विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को प्रतिमाह 4,000 रुपये श्रम सम्मान राशि प्रदान की जाए। 3. ठेका प्रथा समाप्त की जाए। 4. बजट की कमी का हवाला देकर कार्य से पृथक किए गए दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पुन: कार्य पर रखा जाए। 5. विभागों में नई भर्ती से पहले लंबे समय से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण पर विचार किया जाए तथा शेष रिक्त पदों पर भर्ती की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान वीरेंद्र बघेल के साथ विजय ठाकुर, पंकज देवांगन, शैलेन्द्र ठाकुर, रंजीत बघेल, भुनेश्वर कोर्राम, सौरभ बंजारे, शुभम बंजारे, राम पटेल, धनसूराम कोर्राम, रामदाई नेताम तथा विभिन्न विभागों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी उपस्थित थे।


