कोण्डागांव
नवीन शाला भवन की मांग, ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोण्डागांव, 21 जनवरी। कोण्डागांव जिले के मर्दापाल क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लखापुरी के ग्राम एहरा में प्राथमिक शाला भवन को लेकर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्कूल भवन के अभाव में बच्चों को पेड़ के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे न केवल उनकी शिक्षा बल्कि सुरक्षा भी खतरे में है।
शाला प्रबंधन समिति की बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि जिस स्थान पर अब तक प्राथमिक शाला का संचालन किया जा रहा था, वह स्थानीय ग्रामीण पोहड़ू राम कोर्राम की निजी भूमि है। हाल ही में हुए विवाद और झड़प के बाद भूमि स्वामी द्वारा स्कूल संचालन पर आपत्ति जताए जाने के चलते उस स्थान पर शाला संचालन बंद कर दिया गया। इसके पश्चात शाला प्रबंधन समिति और ग्रामवासियों की आपसी सहमति से गांव में स्थित एक शासकीय बंजर भूमि पर नवीन शाला भवन निर्माण का निर्णय लिया गया। हालांकि भवन निर्माण की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तहत स्कूल का संचालन पेड़ के नीचे बनी झोपड़ी में किया जा रहा है। इस अस्थायी व्यवस्था में कक्षा पहली से पांचवीं तक के लगभग 55 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंतित ग्राम एहरा के ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम एहरा में शीघ्र नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव का पुराना शाला भवन पिछले 25 वर्षों से जर्जर अवस्था में है और वर्तमान हालात में बच्चों की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। खुले में, पेड़ के नीचे कक्षाएं संचालित होने से बच्चों को मौसम, जीव-जंतुओं और अन्य खतरों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सकारात्मक और ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो गांव के बच्चों की शिक्षा पूरी तरह बाधित हो सकती है और इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ेगा।


