कोण्डागांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोंडागांव, 2 जनवरी। कोण्डागांव जिले की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। शुक्रवार को 132/33 केवी उपकेन्द्र मसोरा में 63 एमवीए क्षमता का अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर सफलतापूर्वक उर्जीकृत कर दिया गया।
इस दौरान कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, ट्रांसमिशन के एम डी श्री राजेश शुक्ला , कार्यपालन निदेशक टी. के. मेश्राम, अधीक्षण अभियंता एच. के. सूर्यवंशी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व उपकेन्द्र मसोरा में 40-40 एमवीए क्षमता के दो पॉवर ट्रांसफार्मर कार्यरत थे, जिनसे 33 केवी के कुल 08 फीडर निकलते हैं। इन फीडरों के माध्यम से कोण्डागांव, फरसगांव और माकड़ी विकासखंड के संपूर्ण क्षेत्र तथा बड़ेराजपुर विकासखंड के आंशिक क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति की जाती है। वहीं केशकाल विकासखंड के संपूर्ण क्षेत्र एवं बड़ेराजपुर के शेष भाग को 132/33 केवी उपकेन्द्र कांकेर से विद्युत आपूर्ति प्राप्त होती है।
रबी फसल के दौरान जिले में मक्का की व्यापक खेती होने के कारण ग्रीष्म ऋतु में सिंचाई हेतु विद्युत मांग अत्यधिक बढ़ जाती थी। इससे उपकेन्द्र मसोरा पर ओवरलोड की स्थिति उत्पन्न होती थी और लगभग 25 मेगावॉट लोड रिलीफ देना पड़ता था।
परिणामस्वरूप पूरे जिले में लो-वोल्टेज एवं विद्युत कटौती की समस्या सामने आती थी, जिससे किसानों, विद्युत उपभोक्ताओं, को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
अब 63 एमवीए अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर के उर्जीकृत होने से उपकेन्द्र मसोरा की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे जिले में विद्युत आपूर्ति अधिक स्थिर होगी, जिससे ग्रीष्म ऋतु में लो-वोल्टेज एवं कटौती की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी तथा कृषि, घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की सिंचाई सुविधा, ग्रामीण अधोसंरचना और बुनियादी सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मसोरा उपकेन्द्र में अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर की स्थापना इसी प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
यह उपलब्धि कोण्डागांव जिले के समग्र विकास, किसानों की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने, तथा आम नागरिकों के बेहतर जीवन स्तर की दिशा में एक मजबूत और दूरगामी कदम साबित होगी।


