कवर्धा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कवर्धा, 10 अप्रैल। पंडरिया नगर के ऐतिहासिक और जीवनदायी बांधा तालाब के संरक्षण को लेकर चल रहे ‘बांधा तालाब बचाव महाअभियान’ के बीच नगरवासियों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनकी आपत्तियों के बावजूद तालाब के भीतर नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है।
नगरवासियों का कहना है कि तालाब के अंदर नाली निर्माण न केवल इसके अस्तित्व के लिए खतरा है, बल्कि पर्यावरण और जल संरक्षण के लिए भी गंभीर नुकसानदायक हो सकता है। लोगों ने इस कार्य को तत्काल रोकने की मांग की है।
गुरुवार को नगर पालिका के अधिकारी, इंजीनियर और कर्मचारी पुलिस बल के साथ निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए मौके पर पहुंचे। इस दौरान जेसीबी मशीन भी लाई गई, जिसे देखकर स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे।
विरोध स्वरूप बड़ी संख्या में नागरिक मौके पर एकत्रित होकर जेसीबी मशीन के सामने धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए कार्य बंद करने की मांग की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
आक्रोशित लोगों ने क्षेत्रीय विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पूर्व में कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, जिनमें टेंडर में गड़बड़ी और गलत निर्माण जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि तालाब से जुड़े निर्माण कार्य को नहीं रोका गया और जनभावनाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


