कांकेर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कांकेर, 3 मई। डी-माइनिंग अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से शनिवार को इंस्पेक्टर समेत 4 जवान शहीद हो गए। इनमें तीन जवान मौके पर ही शहीद हो गए वहीं एक अन्य जवान कॉन्स्टेबल उपचार के दौरान शहीद हो गए।
पुलिस कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने शनिवार को कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा से लगे क्षेत्र में, थाना छोटेबेटियां के अंतर्गत मार्काबेड़ा, कोरोसकोडो और आदनार के जंगलों में घटना स्थल का निरीक्षण किया।
अभियान में शामिल सुरक्षा बल से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में पूर्व में छिपाकर रखी गई सामग्री की बरामदगी के लिए सर्च अभियान चलाया जा रहा था। एक स्थान से कंप्यूटर, मॉनिटर और प्रिंटर सहित अन्य सामग्री बरामद की गई। इसके बाद पास के एक अन्य स्थान से 15-15 किलो की पाँच बोरियों में रखा गया पटाखा पाउडर (गनपाउडर—पोटैशियम नाइट्रेट और बेरियम नाइट्रेट) बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) की सहायता से इस सामग्री को सुरक्षित रूप से नष्ट करने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान विस्फोट हुआ। प्रारंभिक तौर पर इसे तापमान या रासायनिक प्रतिक्रिया से जुड़ी घटना माना जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
विस्फोट में तीन जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कुमार कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले मौके पर ही शहीद हो गए वहीं एक अन्य जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम हेलीकॉप्टर द्वारा स्थल से निकासी के बाद उपचार के दौरान शहीद हो गए।
बस्तर के आईजी सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में माओवादियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए विस्फोटक बारूद की बरामदगी के दौरान हुए आकस्मिक विस्फोट में हमारे चार वीर जवान शहीद हो गए।
आईजी ने आगे उल्लेख किया कि निरीक्षक सुखराम वट्टी के नेतृत्व में इसी टीम ने पूर्व अभियानों के दौरान माओवादी ठिकानों से कई आईईडी सफलतापूर्वक बरामद कर उन्हें सुरक्षित रूप से निष्क्रिय किया था। किन्तु आज की इस दुखद दुर्घटना में हमने अपने चार बहादुर कमांडो को कर्तव्य पालन के दौरान खो दिया। हम राष्ट्र की सेवा में कर्तव्य पालन करते हुए इन चारों वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान के प्रति सदैव ऋणी रहेंगे।






