अंतरराष्ट्रीय
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग में पाकिस्तान का "मध्यस्थ" बनना परेशानी भरा है.
लिंडसे ग्राहम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी से ही सीनेटर हैं.
लिंडसे ग्राहम ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "ये काफ़ी समय से साफ़ दिख रहा है कि पाकिस्तान का मध्यस्थ बनना मुश्किल और परेशानी भरा है. उनका इसराइल के प्रति विरोध बहुत पुराना है."
उन्होंने लिखा, "यह बात भी साफ़ है कि ईरान के सैन्य जहाज़ पाकिस्तान के एयर बेस पर रखे जा रहे हैं और पाकिस्तान के बड़े नेताओं की इसराइल के ख़िलाफ़ पुरानी बयानबाज़ी परेशान करने वाली है."
लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ के एक पुराने वीडियो का ज़िक्र करते हुए लिखा, "रक्षा मंत्री ने अब्राहम समझौते पर कहा था कि पाकिस्तान कभी इसमें शामिल नहीं होगा, क्योंकि उन्हें इसराइल पर भरोसा नहीं है. यह वीडियो भले ही एक साल पुराना हो, लेकिन मुझे लगता है कि यही विचार अभी भी है."
उन्होंने आगे लिखा, "इसी वजह से ज़रूरी है कि पाकिस्तान अब राष्ट्रपति ट्रंप की अपील पर जवाब दे कि वह अब्राहम समझौते में शामिल होगा या नहीं."
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ही मध्य पूर्व में तनाव ख़त्म करने के लिए सऊदी अरब, क़तर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन सहित कई देशों से अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने का आह्वान किया था. (bbc.com/hindi)


