अंतरराष्ट्रीय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं के साथ शनिवार को हुई बातचीत की जानकारी साझा की है.
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), क़तर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के नेताओं से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने इन देशों से अब्राहम समझौते पर हस्ताक्षर करने की बात कही.
उन्होंने कहा, "संभव है कि एक या दो देशों के पास ऐसा न करने की कोई वजह हो और उसे स्वीकार किया जाएगा. लेकिन ज़्यादातर देशों को ईरान के साथ इस समझौते को पहले से कहीं ज़्यादा ऐतिहासिक बनाने के लिए तैयार, इच्छुक और सक्षम होना चाहिए."
ट्रंप ने अब्राहम समझौते के बारे में कहा कि इसका सम्मान दुनिया में कहीं भी हुए किसी भी समझौते से ज़्यादा होगा.
उन्होंने कहा, "इसकी शुरुआत सऊदी अरब और क़तर के तत्काल हस्ताक्षर से होनी चाहिए और बाकी देशों को भी उसके बाद आगे आना चाहिए. अगर वे ऐसा नहीं करते तो उन्हें इस (ईरान) समझौते का हिस्सा नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह ग़लत इरादे को दिखाता है."
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को भी अब्राहम समझौते में शामिल करने की बात कही.
उन्होंने कहा, "ऊपर बताए गए देशों के नेताओं ने कहा कि जैसे ही हमारे दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर होंगे, वे ईरान को भी अब्राहम समझौते का हिस्सा बनाने को सम्मान की बात मानेंगे. यह वास्तव में बहुत ख़ास होगा." (bbc.com/hindi)


