गरियाबंद
बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा राजिम, 2 मई। नगर के सिंधी कॉलोनी स्थित धर्मशाला में सतगुरु माता सुदीक्षा सविंदर हरदेव जी महाराज की असीम कृपा से संयोजक स्तरीय बाल समागम का भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, अभिभावक एवं बच्चे शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आध्यात्मिक मूल्यों, नैतिक शिक्षा और संस्कारों का विकास करना रहा।
इस अवसर पर रायपुर से पधारी बहन सिमरन रहेजा ने सतगुरु की सिखलाई प्रस्तुत करते हुए कहा कि जीवन में सच्चे मार्ग पर चलने के लिए सद्गुरु का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को प्रेम, सेवा,अनुशासन और मानवता के गुण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उनके विचारों ने उपस्थित जनों के मन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।
बाल समागम में धमतरी, महासमुंद और भूमका नगरी व राजिम से आए बच्चों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बच्चों ने भजन, नृत्य, नाटक और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सद्गुरु की महिमा का सुंदर वर्णन किया। प्रत्येक प्रस्तुति में बच्चों का उत्साह और समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जिसे उपस्थित जनों ने तालियों की गूंज के साथ सराहा। बाल समागम पर अपना विचार रखते हुए राजिम ब्रांच मुखी गांधी सचदेव ने कहा कि
आज का यह निरंकारी बाल समागम हम सभी के लिए अत्यंत आनंद और प्रेरणा का अवसर है। बच्चे हमारे समाज और देश का भविष्य हैं, और ऐसे समागम उनके नैतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। निरंकारी मिशन हमें सिखाता है कि सच्चा ज्ञान वही है जो हमें मानवता, प्रेम, सेवा और एकता के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करे। इस समागम के माध्यम से बच्चों को यह सीख मिलती है कि वे जीवन में सच्चाई, विनम्रता और सहयोग की भावना को अपनाएँ। यह मंच उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने,आत्मविश्वास बढ़ाने और अच्छे संस्कारों को समझने का अवसर प्रदान करता है।
हम सभी का कर्तव्य है कि हम बच्चों को सही दिशा दें, उन्हें अच्छे विचारों से जोड़ें और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन करें। आइए, हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि हम अपने जीवन में प्रेम,शांति और सेवा के मूल्यों को अपनाएँगे और समाज को एक बेहतर स्थान बनाने में अपना योगदान देंगे।कार्यक्रम के अंत में सभी के लिए प्रसाद वितरण किया गया और आयोजन का समापन शांति व सद्भावना के संदेश के साथ हुआ।


