गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजिम, 12 अप्रैल। नगर के गुरू घासीदास मंदिर परिसर में सतनामी समाज द्वारा एक भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण समाज के प्रथम आईएएस अधिकारी संजय डहरिया का सम्मान समारोह रहा, जिसमें समाजजनों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत कर गौरव व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग, युवा एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। मंच पर आईएएस संजय डहरिया को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संत शिरोमणी बाबा गुरू घासीदास के गद्दी आसन पर पूजा अर्चना वंदन एवं सतनाम के जयघोष के साथ किया गया। इस अवसर पर अधिवक्ता दूजराम बंजारे ने स्वागत भाषण में कहा कि संजय डहरिया ने कठिन परिश्रम और लगन से आईएएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे सतनामी समाज का नाम रोशन किया है। समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है और अब समय आ गया है कि समाज के बच्चे शिक्षा को प्राथमिकता दें।
कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद ग्राम पंचायत पितईबंद के महिला सरपंच गोदावरी-सहदेव बंजारे ने कहा कि संजय डहरिया से प्रेरणा लेकर अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। शिक्षा ही वह शक्ति है, जो व्यक्ति, समाज और प्रदेश के विकास की आधारशिला रखती है।
कार्यक्रम में सम्मानित होने के बाद आईएएस संजय डहरिया ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और समाज के आशीर्वाद को दिया। कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से निरंतर अध्ययन,अनुशासन और सकारात्मक सोच अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग प्रतियोगी परीक्षाओं यूपीएससी, पीएससी,जेईई एवं नीट की तैयारी करे। इन परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल पढ़ाई ही नही बल्कि सही रणनीति, समय प्रबंधन,निरंतर अभ्यास एवं आत्मविश्वास अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने साफ-साफ कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कोई भी बाधा सफलता के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती। उन्होंने युवाओं को मोबाइल एवं अन्य व्यसनों से दूरी बनाकर अध्ययन पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में सतनामी समाज के संरक्षक डॉ. आनंद मतावले गुरूजी ने कहा कि उच्च तकनीकी चिकित्सा एवं महाविद्यालयीन शिक्षा समय की आवश्यकता है इस लक्ष्य को कठिन मेहनत से प्राप्त करे। समाज को संगठित रहने की बात कही। कार्यक्रम में मौजूद पांडुका थाना के टीआई कृष्ण कुमार जांगड़े ने स्पष्ट रूप से कहा कि नशापान समाज और युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। प्रदेश सचिव दिनेश बंजारे ने कहा कि जो लोग शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ चुके है समाज के कमजोर एवं प्रतिभाशाली बच्चो की मदद करे।
सामुहिक प्रयासों से ही समाज में व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है। कार्यक्रम को सतनामी समाज छुरा परिक्षेत्र के सचिव डाहरू कोसले ,जिला पंचायत सभापति नंदनी-कोमल ढीढी,प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ कविता लाल, धनेश्वरी डांडे, रामविशाल ओगरे, गोपचंद बेनर्जी,अध्यक्ष दुलेश्वर घृतलहरे,कार्यकारी अध्यक्ष राकेश मांड्रे, सहदेव बंजारे, मुकेश भारती ने संबोधित किया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि पंथी नर्तक दल के कलाकार सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।


