गरियाबंद
15 दिन बंद रहेगी शराब और मांस-मछली की दुकानें
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजिम, 30 जनवरी। छत्तीसगढ़ की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले राजिम कुंभ कल्प 2026 की तैयारियों को लेकर राजिम के नए मेला मैदान में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने की। इस दौरान उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों के साथ तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक और सख्त निर्देश दिए।
राज्यपाल डेका करेंगे उद्घाटन
बैठक में कलेक्टर बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प का आयोजन आगामी 1 फरवरी से प्रारंभ होगा, जिसके लिए सभी विभाग 30 जनवरी तक हर हाल में अपनी तैयारियां पूरी करें। उन्होंने बताया कि कुंभ कल्प के शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका सहित मंत्रीगण उपस्थित रहेंगे।
मंत्री ने विद्युत विभाग को मेले के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, परिवहन विभाग को रात्रिकालीन बस परिचालन सुचारू रखने तथा स्वास्थ्य विभाग को मौके पर त्वरित और पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 1 फरवरी से 15 फरवरी तक राजिम नगरी और आसपास के क्षेत्रों में मांस, मछली एवं मदिरा की बिक्री पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगी, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन एवं पुलिस विभाग को निरंतर सडक़ गश्त, यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही व्यापारिक प्रतिष्ठानों में फ्लैक्स बोर्ड और रेट सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने पर भी जोर दिया गया।
मंत्री ने खाद्य विभाग को समय पर खाद्यान्न, विशेषकर चावल का आबंटन सुनिश्चित करने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में दाल-भात केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए। शाही स्नान के अवसर पर सुरक्षित बैरिकेटिंग, नदी तट पर भीड़ नियंत्रण एवं व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
पुलिस विभाग को संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात करने तथा चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। किसी भी दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए क्रेन, फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक संसाधन तत्पर रखने पर भी जोर दिया गया।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
मेले स्थल पर प्रतिदिन साफ-सफाई, कचरा निस्तारण और स्वच्छता मानकों के कड़ाई से पालन को अनिवार्य बताया गया। मंत्री ने कहा कि पिछली बार हुई कमियों को इस बार हर हाल में दूर किया जाएगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही धर्मशालाओं की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और दूरसंचार कंपनियों को मोबाइल टावरों की क्षमता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प प्रदेश की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक महापर्व है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें, ताकि यह आयोजन ऐतिहासिक, सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए स्मरणीय बन सके।


