गरियाबंद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा-राजिम, 8 जनवरी। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा की अध्यक्षता में पात्रताओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अन्तर्विभागीय राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक खाद्य आयोग के राज्य कार्यालय स्थित सभा कक्ष में संपन्न हुई। इसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), मध्यान्ह भोजन योजना, पोषण आहार योजना तथा आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित आश्रम-छात्रावासों हेतु खाद्यान्न आधारित योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।
बैठक में आयोग के सदस्य सचिव राजीव जायसवाल, सदस्य राजेंद्र महिलांग एवं कुलदीप शर्मा के साथ खाद्य, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अध्यक्ष संदीप शर्मा ने निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम हितग्राही तक समय पर, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुंचे, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
14 जिलों में निरीक्षण, व्यवस्थाओं की हुई समीक्षा
अध्यक्ष ने बताया कि सितंबर से दिसंबर 2025 की अवधि में आयोग के दल द्वारा 14 जिलों का दौरा किया गया। इस दौरान 33 उचित मूल्य दुकानों, 17 आंगनबाड़ी केंद्रों, 13 स्कूलों तथा 16 आश्रम/छात्रावासों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के आधार पर संबंधित विभागों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
खाद्य विभाग को सख्त निर्देश
खाद्य विभाग के लिए आयोग ने अनुशंसा की कि उचित मूल्य दुकानों में सभी आवश्यक सूचनाओं का अनिवार्य प्रदर्शन किया जाए। सभी निर्धारित कार्यदिवसों में दुकानों का खुलना सुनिश्चित हो। स्टॉक का भौतिक मिलान कर ई-पीओएस मशीन में सही मात्रा दर्ज की जाए। एपीएल एवं फोर्टीफाइड चावल का पृथक भंडारण, वैज्ञानिक तरीके से स्टॉक रखने और एफआईएफओ प्रणाली के पालन के निर्देश दिए गए। साथ ही ट्रक चालान 24 घंटे के भीतर प्राप्त करने तथा शिकायतों की समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों में गुणवत्ता पर जोर
महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज बच्चों की संख्या और पोषण ट्रैकर में दर्ज आंकड़ों का मिलान किया जाए। सुपरवाइजर द्वारा नियमित व आकस्मिक निरीक्षण हो। फोर्टीफाइड चावल पकाने और उसके लाभ की जानकारी केंद्रों में स्थायी रूप से प्रदर्शित की जाए। आंगनबाड़ी केंद्र सुरक्षित भवनों में संचालित हों तथा भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
स्कूलों और छात्रावासों में अनुशासन जरूरी
स्कूल शिक्षा विभाग को दैनिक भोजन मेन्यू का प्रदर्शन और निर्धारित पात्रता अनुसार भोजन तैयार करने के निर्देश दिए गए। माप-तौल उपकरणों की उपलब्धता तथा किचन और भोजन स्थल की साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसी प्रकार आदिम जाति कल्याण विभाग को आश्रम-छात्रावासों में भोजन मेन्यू का पालन, फोर्टीफाइड चावल के लाभ की जानकारी प्रदर्शित करने और स्टॉक रजिस्टर नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों की मौजूदगी
उन्होंने स्पष्ट किया कि कल्याणकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और पात्र हितग्राहियों को उनका अधिकार दिलाना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में नीलम एल्मा (अतिरिक्त संचालक, खाद्य विभाग), डी.एस. मरावी (संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास), महेश नायक (उप संचालक, स्कूल शिक्षा), आशीष बंजारे (सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग) तथा अमित देवांगन (नान अधिकारी) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


