दुर्ग
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
भिलाई नगर, 10 अप्रैल। घर खरीदने का सपना देख रहे आम लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के मंसूबों पर नेवई पुलिस ने पानी फेर दिया है। लोन दिलाने के नाम पर हजारों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। आरोपी फर्जी तरीके से बैंक खाते खुलवाकर और चेक बुक लेकर प्रार्थिया को ब्लैकमेल भी कर रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता पूर्णिमा साहू निवासी मौहारी भाठा, नेवई नया घर खरीदने के लिए लोन की तलाश में थी। इसी दौरान आरोपियों ने दीवारों पर लगे पोस्टरों और विज्ञापनों के जरिए उनसे संपर्क किया और खुद को लोन एजेंट बताकर विश्वास में लिया। लोन पास कराने का झांसा देकर आरोपियों ने प्रार्थिया से जरूरी दस्तावेज लिए और अलग-अलग बैंकों में उनके नाम पर खाते खुलवा दिए।
इसके बाद 'लोन प्रोसेसिंग फीस' के नाम पर किश्तों में कुल 66 हजार 500 रूपये की ठगी कर ली।
चेक के जरिए देते थे धमकी
पैसे लेने के बाद जब आरोपियों ने लोन उपलब्ध नहीं कराया, तो प्रार्थिया ने अपने पैसे वापस मांगे। इस पर आरोपियों ने उन्हें गुमराह करना शुरू किया और उनके बैंक खातों के चेक का दुरुपयोग करने की धमकी देने लगे। परेशान होकर प्रार्थिया ने थाना नेवई में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए नेवई पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 316(2), 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। विवेचना के दौरान एसीसीयू भिलाई और नेवई पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को दबोचा।
आरोपी भूपेश भारती उर्फ राम (27 वर्ष) निवासी ग्राम छाटा उतई दुर्ग, संजय जनबंधु (35 वर्ष) निवासी शारदापारा कैंप-2 भिलाई, हेमंत गुप्ता उर्फ किशन (28 वर्ष) निवासी रूआबांधा बस्ती भिलाई के पास से प्रकरण से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और बैंक चेक भी बरामद किए हैं। 10 अप्रैल को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।


