दुर्ग

नवीन ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था पर कारोबारियों ने रखा सुझाव, जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन
29-May-2026 7:02 PM
नवीन ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था पर कारोबारियों ने रखा सुझाव, जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 29 मई
। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश महामंत्री अजय भसीन के नेतृत्व में गुरुवार को जिलाधीश को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में नगर निकायों द्वारा लागू किए जा रहे नवीन ट्रेड लाइसेंस प्रावधानों पर व्यापारियों ने अपनी राय रखते हुए इसे व्यावहारिक दृष्टि से पुनर्विचार योग्य बताया।  
व्यापारियों ने कहा कि राज्य में पहले से ही जीएसटी पंजीयन, दुकान एवं स्थापना पंजीयन, आयकर, खाद्य लाइसेंस, फैक्ट्री, प्रदूषण, फायर एवं नगर निगम से संबंधित अन्य अनुमतियों के तहत कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही संपत्ति कर, जल कर, विज्ञापन कर और अन्य स्थानीय करों का भुगतान भी नियमित रूप से किया जाता है। ऐसे में एक और लाइसेंस व्यवस्था लागू करना व्यापारियों के लिए अतिरिक्त बोझ साबित हो सकता है।  

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि छोटे दुकानदार, स्वरोजगार करने वाले व्यक्ति, स्टार्टअप और मध्यम वर्गीय प्रतिष्ठान पहले से ही महंगाई, किराया, कर्मचारी वेतन, बिजली बिल और बाजार की प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यदि ट्रेड लाइसेंस शुल्क और नवीनीकरण की प्रक्रिया जोड़ी जाती है तो यह व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने के बजाय कठिन बना सकती है।  
 ज्ञापन में कुछ सुझाव भी दिए गए। इनमें छोटे व्यापारियों और सूक्ष्म उद्यमों को ट्रेड लाइसेंस से छूट देने, जिनके पास पहले से वैध पंजीयन है उन्हें अलग लाइसेंस से मुक्त करने, व्यवस्था को केवल जोखिम आधारित गतिविधियों तक सीमित करने और शुल्क को न्यूनतम रखने की बात कही गई। साथ ही आवेदन प्रक्रिया को सरल, स्व-घोषणा आधारित और बिना उत्पीडऩ वाली बनाने का आग्रह किया गया।  
 श्री भसीन ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को समझना और उनके साथ संवाद करना आवश्यक है। यदि शासन को किसी नई व्यवस्था की आवश्यकता महसूस होती है तो पहले व्यापारिक संगठनों, चेम्बर ऑफ कॉमर्स, टैक्स प्रैक्टिशनर्स और उद्योग संगठनों से चर्चा की जानी चाहिए।  व्यापारियों ने जिलाधीश से अपेक्षा जताई कि जनहित और व्यापार हित को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शासन व्यापारियों की समस्याओं का समाधान कर राज्य में व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगा। इस अवसर पर मनोहर कृष्णानी, महेश, अजीत सिंह, चिन्ना राव, सुनील मिश्रा आदि उपस्थित थे।


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