दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुम्हारी, 6 फरवरी। शिक्षा, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देशभर के शिक्षकों को एक सूत्र में पिरोता शिक्षा सागर फाउंडेशन व पारिवारिक वानिकी द्वारा आयोजित ‘हरित योद्धा सम्मान समारोह’ विगत दिनों कोटा (राजस्थान) में नवाचारी शिक्षकों के महाकुंभ के रूप में उभरकर सामने आया। विनोबा भावे नगर, कोटा में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के भव्य आयोजन में देश के 15 राज्यों से आए विभिन्न सर्वश्रेष्ठ नवाचारी शिक्षकों को उनके शैक्षिक नवाचार, सामाजिक सरोकार और पर्यावरणीय चेतना के लिए सम्मानित किया गया। उक्त समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य से जजंगिरी की अंजना सिंह को सम्मानित होने का अवसर प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कोटा रामचरण मीणा ,नेता प्रतिपक्ष नगर निगम विवेक राजवंशी, शिक्षा सहकारी 696 के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल, कोटा देहात उपाध्यक्ष नंदकिशोर मालव, शिक्षा सागर फाउंडेशन के संस्थापक शैलेश प्रजापति, पारिवारिक वानिकी प्रदेश युवा समन्वयक विकास गोदारा, धाकड़ महासभा प्रदेश कोषाध्यक्ष किशन मालव, युवा साहित्यकार हेमराज सिंह, समाजसेवी पुष्पेंद्र चौधरी, केबीसी विजेता शोभा कंवर, शिक्षाविद् राज्य पुरस्कृत शिक्षक महावीर काबरा, शिक्षा सागर फाउंडेशन के राष्ट्रीय प्रेरक नन्दी बहुगुणा, कार्यक्रम के संयोजक भुवनेश मालव एवं गायत्री मिश्रा के साथ मंच की संचालिका पूजा झाम इत्यादि मंचासीन रहे।
उक्त समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। अलग-अलग राज्यों के लोकनृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक झलकियों ने मंच को जीवंत बना दिया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, बल्कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को सजीव रूप में दर्शाया। उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने तालियों की गूंज के साथ इन प्रस्तुतियों का उत्साहवर्धन किया। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में शिक्षिका अंजना सिंह, कादंबरी, सोनू शर्मा, देवेश मालव ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतिया दी। अंजना सिंह ने इस अवसर पर राजस्थानी नृत्य की भी प्रस्तुति दी जिसे उपस्थित श्रोताओं ने बहुत पसंद किया। तत्पश्चात उन्हें मंच पर बुलाकर मुख्य अतिथियों द्वारा मेडल ,मोमेंटो ,प्रशस्ति पत्र, राजस्थान की पगड़ी इत्यादि देकर सम्मानित किया गया
इस अवसर पर बोलते हुए कोटा के जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक रामचरण मीणा ने कहा कि नवाचारी शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव होते हैं। ऐसे शिक्षक केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज और भविष्य की पीढ़ी को नई दिशा देने का कार्य करते हैं।
उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों के प्रयासों को अनुकरणीय बताते हुए उनकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की।


