दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 6 फरवरी। नगरपालिक निगम तथा नगरपालिका (कालोनाइजर का रजिस्ट्रीकरण, निर्बन्धन तथा शर्तें) नियम, 2013 में किए गए प्रावधान अनुसार श्वङ्खस् भूमि प्रदान करने के बदले आश्रय शुल्क गरीबों की सेवा निधि के नाम से पृथक बैंक खाते में जमा करने का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ नगरपालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 128-ग अनुसार उक्त सेवा निधि की राशि का उपयोग स्लम बस्तियों एवं आवासहीन व्यक्तियों को सुविधाएं प्रदान करने में किया जा सकता है। निगम के विगत बजट में गरीबों की सेवा निधि से व्यय के लिए 3.00 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है।
विधायक वैशाली नगर रिकेश सेन द्वारा भी गरीबों की सेवा निधि की राशि के समुचित उपयोग के लिए निगम प्रशासन से पत्राचार किया गया है। अत: वित्तीय वर्ष 2025-26 में किए गए बजट प्रावधान की सीमा में प्रधानमंत्री आवास योजना, सबके लिए आवास मिशन,्र॥क्क घटक अंतर्गत 31 मार्च 2026 तक की अवधि में 90 फीसदी राशि जमा करने वाले हितग्राहियों को प्रोत्साहन स्वरूप 10 फीसदी अंशदान गरीबों की सेवा निधि से प्रदान करने की कार्यवाही की जा रही है।
राज्य शासन द्वारा किए गए वैधानिक प्रावधानों का लाभ संबंधित हितग्राहियों को प्राप्त हो सके, इसके लिए निगम आयुक्त द्वारा सभी पात्र हितग्राहियों से इसका लाभ उठाने की अपील की गई है।


