दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 6 फरवरी। अदालत में एक सप्ताह पहले तलाक की स्वीकृति मिलने के बाद घर खाली करने को लेकर जमकर विवाद हो गया। एक ही परिवार ने रिश्ते की डोरियां तोड़ते हुए एक-दूसरे से जमकर मारपीट की है।
वैशाली नगर थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा ने बताया कि मारपीट के इस विवाद में घनश्याम सिन्हा की रिपोर्ट पर राजूलाल सिन्हा, राजूलाल की पत्नी, अरूंति सिन्हा, रोशन सिन्हा तथा विश्राम सिन्हा की शिकायत पर घनश्याम सिन्हा, सुरेश सिन्हा के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 296, 3(5), 351(3) के तहत काउंटर रिपोर्ट दर्ज कर जांच में लिया गया है।
घनश्याम सिन्हा निवासी रामनगर मुक्तिधाम, शिवाजी मार्ग ने पुलिस को बताया कि उसे कविता सिन्हा के द्वारा फोन करके बुलाया गया कि सामान आकर देख लो क्योकि उन दोनों के मध्य 27 जनवरी को तलाक कोर्ट के माध्यम से हो गया है। कविता ने बताया कि इसीलिए घर खाली कर रही हूँ। घनश्याम अपने वकील के साथ घर गया तो कविता कहने लगी कि घर खाली नहीं करूगी। फोन करके उसने अपने पिता राजूलाल सिन्हा को बुला लिया। राजूलाल अपनी पत्नी, अरूंति सिन्हा और रोशन सिन्हा के साथ वहां आ गए।
उन्होंने कहा कि तुम इस घर में नही रह सकते। ऐसा कहते हुए सभी ने गालियां देकर मारपीट शुरू कर दी। घनश्याम के साथ, घुटने पर गहरी चोट आई है। जबकि विश्राम सिन्हा ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा घनश्याम सिन्हा उसे घर खाली करने की बात को लेकर हाथ मुक्का से मारपीट किया है। उसे उठा कर पटक दिया। विश्राम के नाक मुंह पर चोट आई है। इसी दौरान दूसरा बेटे सुरेश सिन्हा ने भी विश्राम को मारा। बीच बचाव के लिए जब दामाद रोशन कुमार सिन्हा आया तो उसे भी घनश्याम और सुरेश सिन्हा ने मिलकर मारपीट की। रोशन के होठ व उंगली में चोट आई है।
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