दुर्ग
ठेठवार यादव महासभा का वार्षिक अधिवेशन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 22 दिसंबर। यादव समाज संख्या बल के हिसाब से अपने प्रतिनिधित्व पाने एकजुट है। दुर्ग जिला ठेठवार यादव महासभा के वार्षिक अधिवेशन में समाज प्रमुखों ने सामाजिक विकास को लेकर चिंतन करते हुए यह बात कही।
इस मौके पर समाज के प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। साथ ही अतिथियों को भी सम्मान स्वरूप पौधा भेंटकर समाज ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि यादव समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। हम सब भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात करे। विशेष अतिथि पूर्व विधायक अरुण वोरा ने कहा कि यादव समाज एक सशक्त समाज है। प्रांतीय ठेठवार यादव महासभा छत्तीसगढ़ के प्रांतांध्यक्ष गुलेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने समाज को मंत्रीमंडल में प्रतिनिधित्व दिया है जिसके लिए सरकार को धन्यवाद देते हैं मगर आयोग, निगम, मंडलों में यादव समाज को कोई प्रतिनिधित्व अब तक नहीं मिल पाया है।
उन्होंने मांग की है कि समाज को आयोग, निगम, मंडल में भी संख्या बल के आधार पर सरकार प्रतिनिधित्व दें। सर्व यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु एवं राज अध्यक्ष राजकुमार यादव ने भी इसके लिए समाज को संगठित रहने जोर दिया। सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष रिवेन्द्र यादव ने सामाजिक एकता पर विस्तार पूर्व बात रखी। समाज के प्रांतीय प्रवक्ता रोमशंकर यादव ने समाज में सबकी भागीदारी व शिक्षा पर जोर देने की बात कही। इस मौके पर समाज के जिला अध्यक्ष मुकेश यादव, भिलाई नगर अध्यक्ष नरेन्द्र यदु, रमन यादव आदि ने भी अपनी बात रखी। इस दौरान दिव्यांग विवेक यादव सहित समाज के अनेक बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में गोविंदा लखन यादव (कार्यकारणी अध्यक्ष), भुनेश्वर यादव, जनक यादव, गैंदलाल यादव, बृजराज यादव, अशोक यादव, होमलाल यादव, रमेश यादव, सतीश कुमार यादव, राधेलाल यादव, संजय यादव, महेश ठेठवार, संतू यादव, मेघराज यादव, आशीष यादव, राजा यादव, सुमन यादव, ऋषि यादव, गुड्डू यादव पार्षद, तिलक यादव, कमलेश यादव, जगेश यादव, मोहन यादव, तिलक यादव, अनिल यादव, धन्ना यादव, यशवंत यादव, नीरज यादव, सुरेन्द्र यादव, अनिकेत यादव, गुलशन यादव, अनिल कुमार यादव, नरेश यादव, अंनत यादव, गजेंद्र यादव, मधुप यादव, विकास यादव, बिट्टू यादव सहित बड़ी संख्या में दुर्ग जिला यादव ठेठवार समाज के लोग मौजूद थे।


