दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 22 दिसंबर। भारतीय राजनीति में मर्यादा, संतुलन और मानवीय संवेदना के प्रतीक रहे, ‘राजनीति के मोती’ के रूप में प्रतिष्ठित मोतीलाल वोरा की पुण्यतिथि के अवसर पर शिवनाथ नदी तट स्थित समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मोतीलाल वोरा देश की राजनीति के एक अनुभवी और सम्मानित नेता रहे। पत्रकारिता से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले स्व. मोतीलाल वोरा ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में विधायक, राज्य मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोषाध्यक्ष तथा राज्यसभा सांसद जैसे अनेक महत्वपूर्ण और विराट दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। सरलता, सौम्यता और संगठनात्मक क्षमता उनकी पहचान रही।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने वोरा की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने कहा कि आज उन्हें हमसे विदा हुए पाँच वर्ष पूर्ण हो गए हैं, लेकिन उनका विचार, नेतृत्व और संगठन के प्रति समर्पण आज भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा बना हुआ है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि विनम्रता ही स्व. मोतीलाल वोरा का सबसे बड़ा पद था। वे हर दौर में भरोसे का नाम बने रहे। सत्ता में रहते हुए भी वे सत्ता से ऊपर रहे—जीवन भर अनेक पद संभाले, लेकिन अहंकार उन्हें कभी छू नहीं पाया। यही थे वोरा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, ब्लॉक कांग्रेस, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल, साथ ही बड़ी संख्या में आम नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं उनके अनुयायी उपस्थित रहे। कार्यक्रम शांत, गरिमामय और भावनात्मक वातावरण में सम्पन्न हुआ। उपस्थित कांग्रेसजनों और नागरिकों ने स्व. मोतीलाल वोरा जी के आदर्शों पर चलने और उनके दिखाए मार्ग को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।


