दुर्ग

तनाव को कम करने मुस्कुराना सबसे बड़ी दवा-प्रो. ईवी गिरिश
22-Dec-2025 4:26 PM
तनाव को कम करने मुस्कुराना सबसे बड़ी दवा-प्रो. ईवी गिरिश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 22 दिसंबर।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आनंद सरोवर बघेरा के कमला दीदी सभागार में वाह जिंदगी वाह शिविर का शुभारंभ हुआ।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रख्यात प्रेरक वक्ता प्रोफेसर ई.वी. गिरीश ने कहा कि तनाव को कम करने के लिए मुस्कुराना सबसे बड़ी रामबाण दवा है। स्ट्रेस की सबसे बड़ी एंटीडोज है।  ईश्वर ने सभी प्राणियों में, पशु - पक्षियों में मुस्कुराने की कला केवल मनुष्य को दिया है इसलिए हम हमेशा मुस्कुराते रहें। आपने मुस्कुराने के लिए लोगों को एक एक्सरसाइज भी कराए। मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है जो मुस्कुरा कर खुद भी खुश रह सकता है और औरों को भी खुशी दे सकता है।
एक वैज्ञानिक तथ्य है कि 1 साल का बच्चा 24 घंटे में लगभग 300 बार मुस्कुराता है। हम जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं हमारी मुस्कुराहट कम होती जाती है। आपने भीड़ से पूछा कि आप लोग दिन भर में कितने बार मुस्कुराते हैं तो किसी ने जवाब दिया 5 से 10 बार। हमें अपने आप से पूछना चाहिए कि हमारा जिंदगी मुस्कुराने के मामले में पहले से बेहतर हुआ है या बदत्तर हुआ है।
 

आगे आपने बताया कि तनाव का लेन देन हमेशा मानसिक, शारीरिक, व्यवहारिक, पारिवारिक समस्या को क्रिएट ही करता है। दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने तनाव के कारणों को जानने का प्रयास किया और उन्होंने आठ ब्राड क्लासिफिकेशन बनाएं, जिसके कारण से लोगों को तनाव होता है। उनमें से पहले कारण है फाइनेंस को लेकर (पैसों के) कारण तनाव। हम जल्दी ही धनवान बनना चाहते हैं हर काम में जल्दी चाहते हैं हम अपने बच्चों को सुबह से शाम तक हर काम जल्दी करने के लिए कहते हैं। तो आज सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि हमारे अंदर का पैशन या सब्र क्यों खत्म होते जा रहे हैं। टेंशन को लेकर दूसरा वैश्विक लेवल पर मुख्य कारण है संबंधों को लेकर है। संबंधों में हमारी अपेक्षाएं बढ़ती जा रही हैं। तनाव का  एक कारण दूसरों से अपेक्षा रखना है। जितने ही दूसरों के प्रति हमारी अपेक्षाएं एक्सपेक्टेशन कम होगा उतना ही हम तनाव रहित रह पाएंगे। हम परिवार में लोगों को बिना शर्त प्यार दे, अपनापन दे, गलतियों को क्षमा करें तो पारिवारिक संबंध अच्छा होता जाएगा और  जीवन तनाव रहित बनेगा।

कलेक्टर अभिजीत सिंह शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे पहली बार ब्रह्माकुमारीज में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम की विषय को देखकर आने के लिए इच्छुक हुआ। हम सभी अपने जीवन में, अपने कार्य क्षेत्र में अनेक प्रकार के तनाव का सामना करते हैं।
हम सब जानते हैं कि बड़े पदों पर रहने वाले या बड़ी जिम्मेवारी निभाने वाले के सामने अनेक प्रकार की चुनौतियां आती है और उनका सामना करने में मन में तनाव भी होता है। चाहे डॉक्टर हो, इंजीनियर हो, चाहे लॉयर हो हर किसी के जीवन में अनेक प्रकार के दबाव आते हैं। अनेक प्रकार की एथिकल चुनौतियां आती है। कई बार परिवार की परिस्थितियों, कार्यभार की अधिकता भी मन में तनाव पैदा करते हैं।

हम अपने परिवार के लिए, छोटी-छोटी आनंद के लिए समय नहीं निकाल पाते और सारा जीवन बीत जाता है  बाद में महसूसता आती है कि हमने स्वास्थ्य के साथ, अपने जीवन के आनंद के पलों के साथ समझौता किया। उन पलों में हम तनाव रहित, आनंद के साथ जीवन जी सकते थे। आपने कहा कि मैं ब्रह्माकुमारीज को इस आयोजन के लिए साधुवाद देना चाहता हूं। इस कार्यक्रम से लोगों के जीवन से तनाव दूर होंगे। तनाव के कारण व्यवस्था में अनेक प्रकार की बाधाएं उत्पन्न होती है। इस कार्यक्रम की सफलता के लिए मैं शुभकामनाएं देता हूं।

ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारी रीटा बहन ने सभी आए हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के लक्ष्य के बारे में बताया और 5 दिनों तक चलने वाली शिविर के विषयों के बारे में बताते हुए आपने कहा कि पहले दिन तनाव मुक्त जीवन, दूसरे दिन स्वास्थ्य आपकी मु_ी में, तीसरे दिन संबंधों में मधुरता चौथे दिन परम सत्ता का ज्ञान और पांचवें दिन राजयोग मेडिटेशन इन विषयों पर ब्रह्माकुमार प्रोफेसर ई वी गिरीश द्वारा व्याख्यान दिया जाएगा। प्रख्यात अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता प्रोफेसर ब्रह्माकुमार ई. वी. गिरीश, अभिजीत सिंह कलेक्टर, अशोक राठी प्रसिद्ध व्यवसायी , ब्रह्माकुमारी रीटा बहन मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारीज एवं संतोष रुंगटा आदि के द्वारा दीप प्रज्वलित कर वाह जिंदगी वाह कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी रूपाली बहन द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम मे एसडीआरएफ दुर्ग के सैकड़ों जवान, दुर्ग शहर के अनेक गणमान्य के साथ हजारों लोग उपस्थित थे।


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