दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 14 दिसंबर। शहीदी सप्ताह सिखों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह, उनके चार साहिबजादों और माता गुजरी कौर की शहादत को समर्पित है। धर्म और मानवता की रक्षा के लिए साहिबजादों ने अपने प्राणों की आहुति दी। गुरु गोबिंद सिंह के 2 बड़े साहिबजादों की शहादत के समय उनकी आयु मात्र 17 वर्ष,13 वर्ष, थी और 2 छोटे साहिबजादे 9 वर्ष और 6 वर्ष थी। इस वीरता के सम्मान में भारत सरकार ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया है। इस शहीदी सप्ताह को लेकर संगत में विशेषकर बच्चों में काफी उत्साह है।
सिखों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह, उनके चार साहिबजादों और माता गुजरी कौर की शहादत को समर्पित शहीदी सप्ताह इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा के साथ 22 दिसंबर से गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा दुर्ग में मनाया जाएगा। इस आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शहीदी सप्ताह 22 से 28 दिसंबर तक मनेगा। इसमें प्रतिदिन शाम को बाल संध्या फेरी का आयोजन होगा। जिसमें सिख समाज के छोटे छोटे बच्चे वीर रस से भरपूर शब्द, कविता का गायन करते हुए विभिन्न मोहल्ले में जाएंगे, जहां उन्हें 4 साहिबजादे का इतिहास चलचित्र के माध्यम से दिखाया जाएगा।
मुख्य कार्यक्रम 26 दिसंबर को सुबह 10 बजे से 2 बजे होगा। जिसमें सिख धर्म के विश्व प्रसिद्ध कथावाचक ज्ञानी पिंदरपाल सिंह दोपहर 12 बजे से साहिबजादों की शहादत का इतिहास सुनाएंगे। कार्यक्रम के अंत में गुरु का लंगर आयोजित किया जाएगा।


