दुर्ग

इंजीनियर शिवांग की हत्या, पूर्व पंच सहित 3 बंदी
11-Feb-2022 5:22 PM
इंजीनियर शिवांग की हत्या, पूर्व पंच सहित 3 बंदी

30 लाख  फिरौती वसूलने बनाई थी योजना

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 11 फरवरी।
इंजीनियर शिवांग चंद्राकर की हत्या के मामले में पुलिस ने दो माह बाद तीन आरोपियों को आज गिरफ्तार कर लिया गया है जिन्होंने रस्सी का फंदा बना उसकी हत्या की और साक्ष्य छिपाने बैग, जैकेट और लोवर को झरझरा पुलिया के पास जला दिया था। जिला पुलिस की छ: टीमें इस हत्या की गुत्थी सुलझाने में 65 दिन से लगी रही। शिवांग का अपहरण कर आरोपियों ने 30 लाख रूपये फिरौती लेने का प्लान बनाया था। पुलिस के ज्यादा सक्रिय होने के कारण फिरौती लेने का प्लान उन्होंने बदल उसकी हत्या कर दी। महंगे कपड़े और विलासता पूर्ण जीवन की चाह में आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया।

गौरतलब हो कि शिवांग की हत्या का मास्टर मांइड चंदखुरी गांव का पूर्व पंच है वह एक लाख रूपये कर्जे में था। अशोक देशमुख पंच चुनाव हारने व रेगहा की जमीन को लेकर हुए विवाद को लेकर शिवांग से रंजिश पाले बैठा था।

पुलिस महा निरीक्षक ओपी पाल ने आज पत्रवार्ता में बताया कि 7 दिसंबर 2021 को दीपराज चंद्राकर पिता स्व. बालमुकुंद चंद्राकर निवासी ग्राम विद्युत नगर पद्मनाभपुर दुर्ग के द्वारा थाना पुलगांव आकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उसका भांजा शिवांग चंद्राकर 6 दिसंबर को चंदखुरी स्थित अपनी बाड़ी से घर मरौदा आने बाईक से निकला और घर नहीं पहुचा है। 5 जनवरी को गुमशुदा के बड़े भाई धर्मेश चंद्राकर के द्वारा थाना पुलगांव में सूचना दी गई कि झरझरा पुल के पास चंदखुरी भाठा मे हरीश साहू के खेत मे हार्वेस्टर के चक्के से बने गड्ढे में मानव खोपड़ी, घड़ी, कपड़ा व अन्य हड्डिया बिखरी पड़ी हैं। सूचना पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर जाकर मौका मुआयना किया। फोरेंसिंक विशेषज्ञ मोहन पटेल व अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों की उपस्थिति में सूक्ष्मता से निरीक्षण किया गया। आरोपी लगातार शिवांग चंद्राकर की गतिविधि व आने जाने के समय पर निगाह रखते और उन्होंने अपहरण कर 30 लाख फिरौती की योजना बनाई थी।

6 दिसंबर को शाम 7 बजे से योजना अनुसार शिवांग चंद्राकर के घर जाने के समय वो छिप कर इंतजार कर रहे। अशोक देशमुख बाईक पंप हाउस के पास खड़ी कर रोड पर ही इंतजार कर रहा था, विक्की और बसंत साहू नहर नाली मे छिपे हुए थे। जैसे ही साढ़े 7 बजे शिवांग चंद्राकर अपनी बाईक से फार्म हाउस के तरफ से आया, रोड पर खड़े अशोक ने उसे रुकवा कर केनाल पारा तक छोडऩे कहा और पीछे बैठ गया। बैठते ही दोनों हाथो से उसे कसकर पकड़ लिया और नहर नाली मे छिपे विक्की और बसंत भी दौड़ते हुए आए और अपने पास रखे नायलोन की रस्सी को शिवांग के गले में लपेटकर बांध दिया। आवाज करने से पकड़े जाने के डर से रस्सी को खिंच कर कस दिए, जिससे गला घूट जाने से मौके पर ही शिवांग की मृत्यु हो गई। उसी समय चंदखुरी केनालपारा के तरफ से किसी गाड़ी की लाईट आती देख डर कर तीनों ने शिवांग चंद्राकर के शव को उठा कर नहर नाली मे छिपा दिया और खुद भी छिप गए। आने वाली गाड़ी मे बैठा व्यक्ति कुछ देर शिवांग के बाईक के पास रूका और उसके फार्म हाउस के तरफ चला गया। विक्की देशमुख ने शिवांग की बाईक को नदी रोड के तरफ आगे कुछ दूरी पर ले जाकर परिया में खड़ी की और वापस आ गया। इसी बीच अशोक देशमुख अपनी कार को लेकर अपने घर से आया और तीनो मिलकर शिवांग चंद्राकर को उठाकर अशोक के गाड़ी की डिग्गी में डाल दिए। अशोक कार को लेकर शव को दफनाने के लिए पहले से निश्चित किये गये स्थान झरझरा पुल के पास पहुँच गया। विक्की और बसंत बाईक से पीछे-पीछे गए। शव को तीनों मिलकर गाड़ी से उतार कर हार्वेस्टर के चक्के से बने गढ्ढे में डाल दिये और मिट्टी, पैरा व पत्थर से ढक दिया। शिवांग के पैंट शर्ट बैग को झरझरा पुलिया के पास अशोक ने जलाया। नायलोन रस्सी मृतक का हेलमेट व मोबाईल को बसंत साहू ने डोगिंया तालाब और घटना में प्रयुक्त पत्थर व मृतक की चप्पल को विक्की ने आस-पास के खेत मे फेंक दिया। आरोपी अशोक देशमुख (31 वर्ष), विक्की उर्फ मोनू देशमुख  (20 वर्ष)  और बसंत कुमार साहू (24 वर्ष) निवासी ग्राम केनाल पारा, चन्दखुरी ने अपराध स्वीकार कर लिया है।


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