दुर्ग
सांसद विजय बघेल के नेतृत्व में कलेक्टर से मिला प्रतिनिधिमंडल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 17 दिसंबर। नगरीय निकाय चुनाव में पुलिस प्रशासन द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने का विरोध करते हुए भाजपा नेता अब एक्शन मोड में आ गए हैं। सांसद विजय बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पाण्डेय, प्रदेश महामंत्री व चुनाव प्रभारी भूपेंद्र सवन्नी, संतोष बाफना, संतोष पांडेय, विधायक विद्यारतन भसीन संयुक्त रूप से कलेक्टोरेट पहुंच गए हैं। शिकायती पत्र भाजपा नेताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी जिला दुर्ग को सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र में भाजपा नेताओं ने कहा है कि नगर पालिक निगम भिलाई के चुनाव में पुलिस प्रशासन भाजपा को रोकने के संबंध में कार्यकर्ताओं और एवं आम नागरिकों में भय और आतंक फैला रहा है। आरोप है कि पुलिस द्वारा सत्ताधारी दल के दबाव में आकर भारतीय जनता पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के घर के अंदर सूर्यास्त के बाद बिना किसी आधार और बिना महिला पुलिस के घर में घुसकर डराया धमकाया और आतंकित किया जा रहा है।
16 दिसंबर को वार्ड क्रमांक 38 में पुलिस द्वारा भारतीय जनता पार्टी के 8-10 कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों के घर में सूर्यास्त के बाद महिला पुलिस की गैर मौजूदगी में ही बिना सर्च वारंट के बलपूर्वक प्रवेश किया गया और पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा घर की महिलाओं के साथ दुव्र्यवहार और गाली गलौज का कृत्य किया गया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि पुलिस का ऐसा आचरण घोर आपत्तिजनक है। सूर्यास्त के पश्चात महिलाओं की उपस्थिति वाले निवास स्थान में बगैर वारंट और बगैर महिला पुलिस के घुसना सुप्रीम कोर्ट और मानव अधिकार द्वारा घोषित गाइडलाइन के विरुद्ध है।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण पश्चात विगत 21 वर्षों से लगातार भिलाई में नगरीय निकाय के चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से होते चले आए हैं और कभी भी पुलिस प्रशासन का इस प्रकार आतंक और भय फैलाने का आचरण नहीं रहा है, परंतु पहली बार भिलाई के नगरीय निकाय चुनाव में पुलिस प्रशासन द्वारा सत्ता के हाथों की कठपुतली बनकर भारतीय जनता पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं और नागरिकों के परिवारों को आतंकित किया जा रहा है, जो कि पुलिस की भूमिका को संदेहास्पद बनाता है, क्योंकि जिस भी महिला के निवास में पुलिस ने बलात प्रवेश किया है, उस घर के किसी भी सदस्य के खिलाफ न तो पूर्व में कभी कोई एफआईआर हुई है और न ही उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
लोकतांत्रिक प्रणाली में चुनाव स्वस्थ माहौल में और निष्पक्षता से संपन्न कराए जाते हैं, परंतु मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का स्थानीय जिला होने के कारण वर्तमान में पुलिस का व्यवहार पूरी तरह से सत्ताधारी दल के एजेंट के रूप में सामने आ रहा है। सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री पुलिस को अपने राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं और निष्पक्ष चुनाव के लिए इस पर अंकुश लगाया जाना आवश्यक है।
चुनाव के दौरान आगामी समय में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो अन्यथा भिलाई में व्यापक जनाक्रोश उत्पन्न होगा। चुनाव में निष्पक्षतापूर्ण हो और पुलिस के स्थानीय अधिकारी सत्ताधारी दल के विधायक और मंत्री के निर्देशों की बजाए चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुरूप कार्य करें, ऐसा सुनिश्चित करें क्योंकि चुनाव आचार संहिता के दौरान पुलिस निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर कार्य करती है ।


