दुर्ग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 16 दिसंबर। कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए टीकाकरण के महाभियान में स्वास्थ्य विभाग को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को 12 घंटे के भीतर ही करीब 70 हजार लोगों को कोरोना के टीके लगाए गए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण का लक्ष्य करीब 1 लाख निर्धारित किया गया था। सुबह से देर रात्रि तक 800 से अधिक वैक्सीनेशन दलों ने इस मुहिम में लगे रहे। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की बदइंतजामी भी खुलकर सामने आई। टीकाकरण में लगे नर्सिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों को दिन भर भूखे प्यासे रहने पड़ा। इनके लिए संबंधित नगरीय निकाय द्वारा भोजन की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
वैक्सीनेशन में एमजे कॉलेज, अपोलो कॉलेज सहित अन्य महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाई गई थी। 12 घंटे ड्यूटी के दौरान इन्हें भोजन नहीं दिया गया। जिससे ये विद्यार्थी परेशान रहे। विद्यार्थियों की शिकायत के आधार पर कॉलेज प्रबंधन ने इसकी जानकारी सीएमएचओ को दी है। जिस पर सीएमएचओ ने अफसोस जताया है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बंजारे ने बताया कि आंकड़े रात दस बजे तक ही आ पाएंगे, फिर भी अनुमान है कि शाम तक 70 हजार लोग वैक्सीन लगवा चुके थे।
उन्होंने बताया कि डोर-टू-डोर कैंपेन का लाभ यह रहा कि बुजुर्ग एवं दिव्यांग लोग जो वैक्सीनेशन के लिए सेंटर तक आने में दिक्कत महसूस कर रहे थे, उनका भी वैक्सीनेशन हो सका। निगम में टीकाकरण कार्यक्रम में विधायक अरुण वोरा एवं महापौर धीरज बाकलीवाल ने हिस्सा लिया। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने भी वैक्सीनेशन केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि टीकाकरण महाभियान का उद्देश्य कोरोना वैक्सीन के कवरेज को बढ़ाना है।


