दुर्ग

कृषि कानूनों को पहले ही वापस ले लेते तो किसानों की जान नहीं जाती-राकेश
24-Nov-2021 5:05 PM
कृषि कानूनों को पहले ही वापस ले लेते तो किसानों की जान नहीं जाती-राकेश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
उतई, 24 नवंबर।
कृषि बिल वापस लेने पर किसान नेता व पूर्व सभापति जिलापंचायत दुर्ग राकेश ठाकुर ने बयान देते हुए कहा है कि काले कानूनों को एक साल पहले ही वापस ले लेना था। कानून पहले वापस लेती तो किसानों की जान नहीं जाती। काले कानूनों को समझने जनता और किसान को एक मिनट नहीं लगा था। उसे समझने में भाजपा ने एक साल लगा दिया।

कांग्रेस नेता राकेश ठाकुर ने कहा, कानून वापस ले लिया अच्छी बात है, लेकिन इसके पीछे कोई उनकी दुर्भावना नहीं होनी चाहिए।
किसानों की जान जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नींद से जागे है और कुम्भकरण नींद में सोए प्रधानमंत्री व भाजपा को किसानों की एकजुटता ने जगा दिया। लंबे समय से पूरा देश किसानों व अपने हक की लड़ाई लड़ रहा था अंतत: आज पूरे देश की जीत हुई।  सीएम भूपेश बघेल के नेतृत्व में पूरा छत्तीसगढ़ काले कृषि कानून के खिलाफ संघर्षरत थे।

श्री ठाकुर ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ और सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे के लिए आगामी कई राज्यो में विधानसभा चुनाव को देखते हुवे हार के डर से ये काला कानून वापस लेने का फैसला लिया है। जब जब चुनाव आता है। नरेंद्र मोदी व भाजपा कोई न कोई शिगूफा जरूर छोड़ती है, लेकिन अब किसान व देशवासी भाजपा की किसी भी शिगूफा और राजनीतिक चाल में नहीं आने वाले, किसान भाजपा की रीति व नीति दोनों समझ गई है।

हाल ही में कुछ राज्यों में हुए उपचुनाव के नतीजे में भाजपा का सूपड़ा साफ होने के बाद कृषि कानून बिल को वापस लेने के लिए भाजपा मजबूर हो गई। भाजपा किसान विरोधी है।


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