दुर्ग

गृहमंत्री के पड़ोसी गांव में शराब दुकान को ले ग्रामीणों में आक्रोश
10-Nov-2021 6:53 PM
गृहमंत्री के पड़ोसी गांव में शराब दुकान को ले ग्रामीणों में आक्रोश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 10 नवंबर।
शराबबंदी की दुहाई देने वाली राज्य सरकार के कार्यकाल में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के गृह ग्राम पाऊवारा से लगे गांव पुरई आने जाने वाले मुख्य मार्ग किनारे ही शराब दुकान खोल दी गई है। उक्त मार्ग से होकर ग्राम पूरई एवं खम्हरिया की दर्जनों बालिकाएं उतई कालेज में पढऩे जाती है। इन बच्चियों के पालकों में भी मार्ग किनारे शराब दुकान खोले जाने को लेकर भारी रोष व्याप्त है। ग्राम पुरई एवं खम्हरिया के ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार दीपावली त्यौहार के एक दिन पहले ही ग्राम पुरई एवं उतई मुख्य मार्ग के किनारे शराब दुकान को गुपचुप तरीके से खोल दिया गया, जैसे ही इसकी जानकारी ग्राम पूरई एवं खम्हरिया के लोगों को मिली। उन्होंने इसे लेकर जमकर नाराजगी जाहिर की।

ग्रामीणों की माने तो उनके द्वारा पूर्व में उतई स्थित शराब दुकान को उक्त मार्ग के किनारे पहले भी शिफ्ट करने की तैयारी चल रही थी।  तब मार्ग किनारे शराब दुकान खोले जाने के विरोध में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को आवेदन दिया गया जा चुका है। इसके बावजूद भी उक्त मार्ग से होकर उतई कॉलेज पढऩे जाने वाली बच्चियों के भविष्य को नजरअंदाज करते हुए शराब दुकान खोल दिये जाने पर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त की है।

ग्राम पंचायत पुरई सरपंच उमा रिगरी के अनुसार इस संबंध में गृहमंत्री को पहले ही आवेदन दिया जा चुका है। मगर गुपचुप तरीके से अचानक शराब दुकान खोल दिया गया। ग्राम की बहुत सारी बच्चियां उतई कॉलेज पढऩे जाती है। शराब दुकान मुख्य मार्ग के किनारे ही है। जहां हर समय हजारों लोगों की भीड़ रहती है। उनका कहना है कि गलत ढंग से मुख्य मार्ग के किनारे शराब दुकान खोल दी गई है। यहां न तो पार्किंग की व्यवस्था है। जिसकी वजह से शराब दुकान में शराब लेने आने वाले शराबियों का जमावाड़ा मार्ग तक रहता है, जिससे आवागमन में लोगों को असुविधा होती है।

मंत्री श्री साहू को एवं थाने में आवेदन देकर गांधीवादी तरीके से गुलदस्ता भेंट कर सोमवार से शराब दुकान के विरोध में आंदोलन की शुरुआत करने की तैयारी चल रही है।
ग्राम के ही उदय साहू ने बताया कि शराब दुकान के सामने आधा मार्ग को घेरकर शराबी खड़े रहते हैं, जिनके बीच से होकर कॉलेज पढऩे जाने वाली बच्चियों का निकलना उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार एक तरफ तो महिला शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करती है। वही उच्च शिक्षा ग्रहण करने जाने वाली बच्चियों के रास्ते में शराब दुकान खोलकर एक तरह से अवरोध की स्थिति खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है।
 


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