दुर्ग

किसान न्याय योजना में खामी की वजह से कई किसानों को नहीं मिल रहा है लाभ-हर्षा
27-Aug-2021 5:49 PM
किसान न्याय योजना में खामी की वजह से कई किसानों को नहीं मिल रहा है लाभ-हर्षा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
उतई, 27 अगस्त।
भाजपा नेत्री व पूर्व अध्यक्ष जनपद पंचायत पाटन एव सदस्य जिला पंचायत दुर्ग ने  विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि मुख्यमंत्रीजी आप वर्तमान समय में एक बात लगभग अपनी हर सभा में कहते आ रहे है कि हमने किसानों के लिए बहुत कुछ किया है, जिसमें प्रमुख रूप से आपका एजेंडा है कि केंद्र से मिलने वाले धान के समर्थन मूल्य से छत्तीसगढ़ के किसानों द्वारा किए जा रहे कृषि के लागत की भरपाई नहीं हो पा रही है जिस वजह से हम किसानों को राजीव गांधी न्याय योजना के तहत 9000 रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दे कर किसानों की आय प्रशस्त कर रहे है। मैं मुख्यमंत्री से एक बात पूछना चाहती हूं कि आप हर जगह ये बात बोल रहे है की जो भी किसान है। उनको उनके मेहनत का पूरा कीमत मिलेगा, जिससे वो अपने कृषि कार्य में की लागत के अतिरिक्त लाभ मिलेगा, लेकिन वर्तमान में छत्तीसगढ़ में एक कहावत चरितार्थ हो रहा है कि मेहनत करे मुर्गा और अंडा खाए फकीर। 

मुख्यमंत्री आपके योजना अंतर्गत इस बात को स्पष्ट नहीं किया की आपके द्वारा दिए जा रहे राजीव गांधी न्याय योजना का असल हकदार कौन होगा, जिस जमीन में कास्तकारी हो रही है। इस जमीन का स्वामी या जिस जमीन में रेघ, कट्टू,या अधिया के माध्यम से किसानी कर रहे असल मेहनतकश कृषक। क्योंकि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के लगभग 40 से 50 प्रतिशत जमीन में भू स्वामी कोई और है और कास्तकारी कोई और कर रहा है। आपके योजना से लाभान्वित का स्पष्ट न होने से आज छत्तीसगढ़ के असल मेहनत कस किसान जो दिन रात एक कर किसानी कर छत्तीसगढ़ की अस्मिता को प्रबल बनाए हुए है। वो इस योजना से वंचित होते दिख रहे हैं।

 क्योंकि आज शहरीकरण और आधुनिकता के कारण अधिकांश भू स्वामी अपने जमीन को रेग्घ, कटटू के माध्यम से गांव के मेहनत कश लोगो को कृषि कार्य के लिए दे रहे है। जिससे भूस्वामी  शासन द्वारा दिए गए योजनान्तर्गत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि को अपना अधिकार बताकर अधिकार पूर्ण जमीन में मेहनतकश किसान को केंद्र द्वारा दिए गए समर्थन मूल्य के बराबर उनका मेहनताना स्वरूप मूल्य अदा करते है। जबकि असल में कृषि कर रहे कृषक द्वारा खर्च 2500 रुपए क्विंटल के हिसाब से किया जाता है, क्योंकि राज्य शासन द्वारा केंद्र द्वारा दिए जा रहे समर्थन मूल्य के अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा दिए जा रहे राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि मिलाकर लगभग 2500रुपए होता है। इस लिहाज से देखा जाए, तो वर्तमान में कृषि कार्य का लागत भी इसके अंतर्गत बढ़ा है। 

इसमें मुख्यमंत्री के योजना अनुसार प्रति एकड़ राजीव गांधी किसान न्याय योजना भूस्वामी को लाभ प्रदान कर रही है, जबकि कृषि भूमि में असल मेहनत कर रहे कृषक को कर्ज के तरफ बढ़ा रही है या उनके विकास में बाधक बन उसे सिर्फ मेहनतकश भूस्वामी लोगों का मजदूर बना रही है। अत: आपसे मांग कर रहे है कि इस दिशा में विचार कर तत्काल कोई निर्णय ले ताकि मेहनतकश किसान को उनकी मेहनत का परिणाम मिल सके।


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