धमतरी

औद्योगिकीकरण के विरोध में उतरे सैकड़ों ग्रामीण
12-Feb-2026 5:35 PM
औद्योगिकीकरण के विरोध में उतरे सैकड़ों ग्रामीण

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 12 फरवरी। ग्राम पंचायत कन्हारपुरी के आश्रित ग्राम भालूझुलन में औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिन्हाकित शासकीय घास जमीन के अधिग्रहण के विरोध में  गुरूवार ग्रामवासियों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए शासन प्रशासन एवं क्षेत्रीय जनसेवक के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि हमें प्रदूषण और उद्योग नहीं, गांव की सुख शांति चाहिए। हमारी मांग नहीं मानी गई तो इसका खामियाजा जिम्मेदार लोगों को उठाना पड़ेगा।

कुरुद विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत कन्हारपुरी के आश्रित ग्राम भालूझुलन के सैकड़ों ग्रामीणों ने औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिन्हाकित घास जमीन के अधिग्रहण के विरोध में तंबू तान धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण रामाधार दीवान, संतोष यादव, शेषनारायण तिवारी, धर्मेंद्र, सुरेश तिवारी, दुलेश पटेल, नीरा कंवर, उषा शर्मा, बहुरी बाई, उमा दीवान, ललित, शीतल साहू, महेश्वरी साहू, केकती पटेल आदि ने बताया कि पंचायत प्रस्ताव के बैगर एवं ग्रामीणों के विरोध को दरकिनार कर कुरुद के एक बड़े नेता के दबाव में प्रशासन बस्ती से लगी गाँव की जमीन को औद्योगिक पार्क के लिए अधिग्रहित कर लिया है। जिससे गांव में स्कूल, खेल मैदान,चारागाह, मुक्ति धाम और  बढ़ती आबादी के लिए जमीन नहीं बचेगी ऐसे में हम आगे निस्तार कैसे करेंगे।

मानिक पटेल, भगत कंवर, बाबुलाल, भगवान सिंह, रामप्यारे, पुनीत यादव, मंगलू ध्रुव आदि ग्रामीणों ने बताया कि जिस भूमि का अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है, उसे पंचायत ने पहले ही प्रस्ताव लाकर सर्व सम्मति से खारिज कर दिया है। ग्रामीणों का कहना था कि बस्ती से लगी जमीन में उद्योग स्थापित होने से उनका गाँव में रहना मुश्किल हो जाएगा। बाहर के उद्योगपति यहाँ आकर प्रदूषण फैला हमारे खेत और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करेंगे। इसके खिलाफ हम साल भर से नेता अधिकारी के पास जाकर अधिग्रहण के खिलाफ आपत्ति दर्ज करा प्रशासन से न्याय मांग रहे हंै, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी।

अपने निर्वाचन क्षेत्र लोगों के बुलावे पर धरना स्थल पहुंचे जिला पंचायत सदस्य नीलम चन्द्राकर ने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताते हुए  कहा कि यहां की 11 हेक्टेयर जमीन को क्षेत्र के एक बड़ा नेता अपने निजी स्वार्थ के लिए औद्योगिक पार्क के नाम से अधिग्रहित करवा रहे है। इसके पहले उन्होंने बगौद में भी फ़ूडपार्क के नाम पर यही खेल खेला था। वहाँ उद्योग तो लग गए, लेकिन ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिला है। गांव की जमीन में बाहरी लोग राज कर रहे हैं और विधायक क्षेत्र में विकास का ढिंढोरा पीट रहे हैं। वे यहां आकर बताये कि कहां और किसका विकास हुआ है?

जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चन्द्राकर ने कहा कि यहां के अधिकारी- कर्मचारी विधायक के इशारे पर ग्रामीणों के हित-अहित की चिंता किये बगैर कुछ भी निर्णय ले रहे हैं।

बीते 2 फरवरी को ग्राम डांडेसरा में भालूझुलन की जमीन में बनने वाले औद्योगिक पार्क का क्षेत्रीय विधायक अजय चंद्राकर द्वारा भूमिपूजन किया गया। हम विकास का विरोध नहीं कर रहे, बस्ती में उद्योग लगाने की जगह स्कूल, हॉस्पिटल बनाये, उन्हें किसने मना किया है।

औद्योगिक पार्क के नाम पर गांव की जमीन को अधिग्रहित करने का विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती, यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रशासन ने यहां ख़म्भे गड़ाना शुरू कर दिया है, यह काम नहीं रुका तो हम उखाडक़र फेंकने का काम करेंगे।

 मौके पर पहुंचे कुरुद तहसीलदार ने बताया कि ग्रामीणों से चर्चा करके उद्योग विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल थे।


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