धमतरी

फसल चक्र परिवर्तन : मगरलोड ब्लॉक में 275 एकड़ में हो रही मूंगफली की खेती
31-Dec-2025 7:32 PM
फसल चक्र परिवर्तन : मगरलोड ब्लॉक में 275 एकड़ में हो रही मूंगफली की खेती

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 31 दिसंबर। पिछले कई सालों से चले आ रहा फसल चक्र परिवर्तन का नारा अब हकीकत बनकर जमीन पर उतरने लगा है। किसान अब जिला प्रशासन के सुनियोजित प्रयासों से परंपरागत फसल चक्र से आगे बढ़ते हुए कम पानी वाली, अधिक लाभकारी रबी फसलों में रुचि लेने लगे हैं। फलस्वरूप दलहन तिलहन के अलावा सब्जी भाजी का उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

धमतरी जिला ने वर्ष 2025-26 में कृषि विविधीकरण, जल संरक्षण और किसानों की आय वृद्धि की दिशा में आगे आने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। जिले में ग्रीष्मकालीन धान उत्पादन में इस वर्ष 24,200 हेक्टेयर से घटाकर 15 हजार हेक्टेयर तक लाने की कार्ययोजना बनाई गई है। इससे भू-जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर प्रेरित किया गया है। गत वर्ष मात्र 10 एकड़ में मूंगफली की खेती की गई थी। लेकिन  इस बार मगरलोड के बुढ़ेनी क्लस्टर में 275 एकड़ क्षेत्र में मूंगफली की खेती की जा रही है। यह परिवर्तन किसानों की सोच में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है।

इसी प्रकार वर्ष 430 हेक्टेयर में मक्का की खेती की गई थी, जिसे बढ़ाकर इस वर्ष 699 एकड़ क्षेत्र में किया गया है। विकासखंड नगरी के गट्टासिल्ली, बोराई एवं उमरगांव क्लस्टर मक्का उत्पादन के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं।

चना उत्पादन में भी जिले ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। गत वर्ष 15,830 हेक्टेयर में चना बोया गया था, जो इस वर्ष बढक़र 16,189 हेक्टेयर हो गया है। कुरूद एवं धमतरी विकासखंड में 600 से 1200 हेक्टेयर के बड़े-बड़े चना क्लस्टर विकसित किए गए हैं। दलहन तिलहन फसलों को बढ़ावा देते हुए सरसों का रकबा 2,590 हेक्टेयर से बढ़ाकर 4,660 हेक्टेयर तथा मसूर का रकबा 50 हेक्टेयर से बढ़ाकर 211 हेक्टेयर किया गया है। इसी प्रकार रागी फसल का रकबा 10 से बढक़र 150 हेक्टेयर तक पहुंचना जिले की प्रगतिशील सोच का प्रमाण है।।


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