धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 29 दिसंबर। मोदी की गारंटी लागू करने सहित अपनी 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन कर सरकार को जमकर कोसा। हड़ताल के चलते सभी शासकीय दफ्तरों में नजऱ आया। सिविल अस्पताल से लेकर नपा, राजस्व, पंचायत विभाग में लोगों को भटकते देखा गया।
फेडरेशन के बैनर तले इनडोर स्टेडियम के सामने तंबू लगाकर निश्चित कालीन हड़ताल पर बैठे कर्मचारी नेताओं ने बताया कि केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता लागू करने, एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएस खाते में समायोजित करने, सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान, लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने हेतु पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिलाने, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण, सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान और नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन देने, अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण करने, प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस करने, दैनिक, अनियमित, और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बनाने, सभी विभागों में सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष करने आदि मांगों के समर्थन में सभी पदाधिकारी और कर्मचारी 29 से 31 दिसंबर को सामूहिक अवकाश लेकर ब्लॉक स्तर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस अवसर पर संयोजक अशोक निर्मलकर सचिव राजेश पाण्डेय कोषाध्यक्ष ह्यूमन चंद्राकर, राजेंद्र चंद्राकर, देवेंद्र दादर, कुलेश्वर नाथ सिन्हा, देवेंद्र मंडावी, गजेंद्र साहू, लक्ष्मण सिँह नरेटी, दिनेश चंद्राकर, गोपाल साहू, जानेश्वरी बंजारे, मोहित ध्रुव, योगेंद्र चंद्राकर, मनीष वर्मा, मकसूदन पटेल, जनता पटेल, मनोज टंडन, डीपी देवांगन, अविनाश साहू, नोहर शांडिल्य, मूलचंद सिन्हा, वर्षा अग्रवाल, टी रात्रे, डीके साहू, पुष्पलता बैस,चैन साहू, मिथलेश कंवर, महेंद्र साहू, गोदावरी ठाकुर, सुशीला ध्रुव, रेखा साहू, निर्मला साहू, लक्ष्मीनाथ, पालसिंग ध्रुव आदि उपस्थित थे।


