धमतरी

गोकुलपुर में अवैध निर्माण देर रात जेसीबी से तोड़े, लेंटर गिराया, दूसरे का निर्माणाधीन कार्य भी तोड़ा
15-Dec-2024 5:24 PM
गोकुलपुर में अवैध निर्माण देर रात जेसीबी से तोड़े, लेंटर गिराया, दूसरे का निर्माणाधीन कार्य भी तोड़ा

निगम का दावा- अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं होने से मोहल्लेवासियों में था आक्रोश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

धमतरी, 15 दिसंबर। गोकुलपुर वार्ड में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर निगम ने शनिवार को कार्रवाई की। स्कूल के सामने 2 निर्माणाधीन अवैध कॉम्प्लेक्स और मकानों को निगम की टीम ने जेसीबी से ध्वस्त  किया। यह कार्रवाई निगम आयुक्त के निर्देश पर उपायुक्त पीसी सार्वा की मौजूदगी में की गई, लेकिन सवाल यह कि निगम अफसरों को कम्पलेक्स खड़ी होने के बाद ही अतिक्रमण दिखाई दिया। अफसरों ने खुद स्वीकारा कि अतिक्रमण है, तो 3 नोटिस के बाद तोड़ा जा सकता था। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि लेंटर का काम चल रहा था। निर्माण नहीं रोकने पर अतिक्रमण तोड़ा गया।

निगम के मुताबिक दोनों निर्माणकर्ताओं को काम रोकने और निर्माण की अनुमति दिखाने के आदेश दिए थे। नोटिस भी जारी किया गया था। शनिवार को 2 बार काम रोकने स्पॉट पर भी गई थी, लेकिन उन्होंने चेतावनी को अनदेखा करते हुए निर्माण जारी रखा। निगम ने इसे खुली चुनौती माना और कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया। दोनों निर्माणकर्ताओं से बार-बार जमीन संबंधित दस्तावेज और निर्माण की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन उनके पास कोई वैध प्रमाण नहीं थे। निगम ने पहले उन्हें काम रोकने और अनुमति लेने का समय दिया था, लेकिन उनकी मनमानी के चलते यह कठोर कदम उठाना पड़ा।

दिनभर में 3 बार चेतावनी, फिर भी मनमानी

शनिवार सुबह 11 बजे पहली बार निगम ने एक निर्माण स्थल पर काम रोका साथ ही गिट्टी को भी जब्त किया गया, लेकिन शाम 6 बजे और फिर रात 9 बजे अतिरिक्त श्रमिक लगाकर लेंटर का कार्य शुरू कर दिया गया। लगातार चेतावनी और रुकावट के बावजूद निर्माणकर्ताओं ने लेंटर ढालने की कोशिश की। आखिरकार, रात में निगम ने जेसीबी चलाकर निर्माण ध्वस्त कर दिया।

शटर तोडक़र रोकी दूसरी निर्माण

दूसरी जगह चल रहे निर्माण में भी नियमों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही थी। यहां निर्माणकर्ता शटर लगाकर काम कर रहे थे। जब निगम टीम ने दस्तावेज और अनुमति की मांग की, तो उनके पास कोई वैध कागजात नहीं थे। टीम ने पहले भी निर्माण रोकने का आदेश दिया था, लेकिन अवैध कार्य जारी रहा। इसके बाद शटर तोडक़र निर्माण को ध्वस्त किया गया। उपायुक्त पीसी सार्वा ने कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद निर्माणकर्ताओं की मनमानी न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह निगम की छवि को भी नुकसान पहुंचा रहा था। इस कार्रवाई का उद्देश्य यह संदेश देना था कि अवैध निर्माणकर्ताओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी और सख्ती से कार्यवाही की जाएगी।

मोहल्लेवासियो ने की थी शिकायत

अधिकारियों का दावा है कि अवैध निर्माणकर्ताओं की मनमानी से निगम की साख पर सवाल उठ रहे थे। निगम की छवि और क्षेत्र की वैधता बनी रहे। गोकुलपुर वार्ड की आम जनता ने निगम की इस कार्रवाई की सराहना की है और इसे नियमों के प्रति कठोरता दिखाने वाला सही कदम बताया है। कार्यवाही के दौरान निगम की टीम और पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रही।


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