धमतरी
धमतरी, 1 दिसंबर। बांग्लादेश में इस्कान के सचिव और हिंदुत्व के लिए आवाज उठाने वाले संत चिन्मय कृष्णदास और इस्कान संस्था पर हमले के बाद धमतरी के धर्मप्रेमियों में भी गुस्सा है।
धमतरी के समाजसेवी और भाजपा नेता पं. राजेश शर्मा ने कहा कि बांग्लादेश में चुनी हुई शेख हसीना की सरकार पर कट्टरपंथियों और सेना ने मिलकर बलात कब्जा किया। देश को दंगों में झोंका और अब एक कठपुतली प्रधानमंत्री बना दिया है, जो वहां हिंदुओं को, मंदिरों को, संस्थानों को और साधु संतों को खत्म कर रहा है। जिस तरह से 1971 में भारत ने मुक्ति वाहिनी को खुली मदद देकर बांग्लादेश को पाकिस्तान से मुक्त करवाया था। अब वहां फिर से मुक्ति वाहिनी की जरूरत है, जो उस धरती को कट्टरपंथियों के चंगुल से मुक्त करवाए। 1971 में जब पाकिस्तान का आत्मसमर्पण हुआ, तभी बांग्लादेश को भारत में विलय करवाया होता तो आज यह समस्या नहीं होती।
उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर तत्काल यूएन के दखल की मांग की। कहा कि जब तक दुनिया में हिंदू का अस्तित्व और आदर्श सुरक्षित है तब तक दुनिया में मनुष्यता सुरक्षित है।


