धमतरी
जिला अस्पताल में 60 लाख से लगेगा आग से बुझाने के उपकरण
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 29 नवंबर। नगर सेना विभाग ने सरकारी व निजी अस्पतालों की ऑडिट शुरू किया है। अधिकारियों ने जिलेभर के सभी 34 निजी अस्पतालों के फायर सिस्टम की जांच की। प्राय: सभी जगह खामियां मिलीं, जिसे सुधारने चेताया है।
गुरुवार को जिला अस्पताल धमतरी में आगजनी की घटना रोकने संसाधनों की जांच हुई। घंटेभर इसकी पड़ताल की। यहां जल्द ही शासन की ओर से 60 लाख से फायर सिस्टम लगाया जाएगा, इसके लिए छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन लिमिटेड से टेंडर हुआ है।
धमतरी में पखवाड़ेभर से रायपुर के अस्पताल में हुई अग्निकांड की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी सरकारी और निजी अस्पतालों की जांच जारी है। प्रथम चरण में निजी अस्पतालों, क्लिनिक में जांच की गई। सभी 34 अस्पताल में कुछ न कुछ खामियां मिलीं। इसके बाद शासकीय अस्पतालों की पड़ताल शुरू हुई।
अग्निशमन विभाग के कर्मचारी दिलीप निषाद, शीतेश पवार, अरूण यादव और देवेन्द्र साहू जिला अस्पताल पहुंचे। सभी अग्निशमन यंत्र की जांच की। इसमें ज्यादातर में रिफिलिंग की तिथि निकल गई थी। कुछ जगहों में अग्निशमन यंत्र की आवश्यकता महसूस की गई। अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। करीब 230 बिस्तरों वाला जिला अस्पताल होने के बाद भी यहां अलार्म सिस्टम नहीं है। फायर एक्सटिंग्विशर में एक साल के लिए रिफिलिंग रहती है। इसके बाद इसे तुरंत रिफिलिंग कराना पड़ता है। नहीं तो प्रेशर कम होने लगता है। यंत्र में 24 नवंबर की तिथि थी।
नगर सेना के जिला सेनानी शोभा ठाकुर ने बताया कि पखवाड़ेभर से जांच जारी है। प्राय: सभी 34 निजी अस्पतालों में कुछ न कुछ खामियां मिली हैं। सभी अस्पताल प्रबंधकों को सिस्टम तत्काल दुरुस्त कर की हिदायत दी है। सरकारी अस्पतालों में ऑडिट जारी है। कुछ समय के बाद दोबारा सभी निजी व सरकारी अस्पतालों में फायर सेफ्टी की जांच होगी। नियम उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल होगा फायर सेफ्टी से अपडेट
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राजेश सूर्यवंशी ने बताया कि जिला अस्पताल में 60 लाख से फायर सेफ्टी सिस्टम लगेगा। इसमें अलार्म सिस्टम भी रहेगा। इसके लिए सीजीएमएससी से टेंडर हो चुका है। निरीक्षण के लिए टीम का इंतजार है। इससे अस्पताल सुरक्षित हो जाएगा। जिला अस्पताल के सलाहकार गिरीश कश्यप ने बताया कि अस्पताल में 62 फायर एक्सटिंग्विशर हैं। इसमें जांच के दौरान कुछ में रिफिलिंग की अवधि समाप्त होना पाई गई। एक-दो दिन में सभी को अपडेट कर लिया जाएगा।


