धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 20 नवंबर। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत जिले के 100 उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन किया जा रहा है। खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में अब तक 7 हजार 190 पंजीकृत किसानों से कुल तीन लाख 228 क्विंटल 80 किलोग्राम धान का उपार्जन किया गया है। 20 नवंबर को धान खरीदी के लिए 2105 किसानों का टोकन 95 हजार 714 क्विंटल धान खरीदी के लिए जारी हुआ है।
धान की फसल नहीं लेने किसानों ने लिया फैसला
जिले में दलहन-तिलहन फसलों के बम्पर बोनी का लक्ष्य वर्ष 2024-25 में कृषि विभाग ने रखा है। इस साल गेहूं और चने की ज्यादा बोनी की जाएगी। इसके अलावा धमतरी में नए फसलों को भी लगाया जाएगा। मूंग, कुल्थी, तिल, सूर्यमुखी, कुसुम के फसलों को भी लगाने का लक्ष्य कृषि विभाग ने तैयार किया है। इन फसलों का उत्पादन धमतरी में नहीं हो रहा था। अब इन फसलों को लगाने किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। जिले में 110 हेक्टेयर में फसल लगाए जाएंगे। इसका मुख्य वजह बीते साल गर्मी में पानी की किल्लत को ध्यान में रखकर इस बार रबी में धान के बदले किसानों का फोकस दलहन-तिलहन की ओर है। करीब 40 गांव में धान फसल नहीं लेने का फैसला भी ले चुके हैं।
इस साल रबी में 50 हजार 670 हेक्टेयर अधिक दलहन-तिलहन फसल लगाएं जाएंगे। सबसे ज्यादा चना व तिवड़ा की खेती होगी। चना 10 हजार हेक्टेयर में लगेगा। जबकि पूर्व में 6670 हेक्टेयर में चना लगाया गया था। इसी तरह गेहूं की भी बम्पर बोनी की जानी है। इसका रकबा दोगुना किया गया है। 420 से एक हजार हेक्टेयर में गेहूं फसल लगेगा।
30 हजार हेक्टेयर में लगाया धान
बीते साल कृषि विभाग ने धान फसल लगाने का लक्ष्य नहीं रखा था। इसके बावजूद किसानों ने 30 हजार 430 हेक्टेयर में धान की फसल लगा ली थी, जिस कारण किसानों के साथ ही ग्रामीणों को पानी के लिए भारी समस्या हुई थी। गांव में हैंडपंप, बोर, तालाब सब सूख गए थे। पानी के लिए लोगों भटकना पड़ था। समस्या को देखते हुए इस साल कम पानी वाली फसल दलहन-तिलहन लगाने के लिए जिला प्रशासन किसानों को प्रेरित कर रही है।
इन प्रमुख गांवों के किसान दे चुके सहमति
जिला प्रशासन की पहल पर गांवों में शिविर लगाए जा रहे हैं। किसानों को दलहन-तिलहन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग अनुसार 11 गांवों के लोगों ने धान फसल नहीं लगाने, पानी बचाने दलहन-तिलहन लगाने की सहमति दे चुके हैं। इनमें बगदेही, लोहरसी, परसतराई, खरतुली, पोटियाडीह, गुहाननाला, गुजरा, कलारतराई, रावां, कुर्रा, अमलीडीह शामिल हैं। ग्रामीण ने स्वयं बैठक कर धान फसल लगाने वालों जुर्माने का प्रावधान रखा है।


