धमतरी

कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने में लापरवाही
14-Nov-2024 2:36 PM
कस्टम मिलिंग के चावल जमा करने में लापरवाही

दो राइस मिलों की 4.49 करोड़ की बैंक गारंटी राजसात, एक ब्लैक लिस्टेड

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

धमतरी, 14 नवंबर। जिले के कुरूद और बेलरगांव के 2 राइसमिलों में छापेमारी की। कस्टम मिलिंग में लापरवाही पर दोनों मिलों के 4 करोड़ 49 लाख रुपए की बैंक गारंटी राजसात की गई है।

डीएमओ सुनील सिंह राजपूत ने बताया कि कुरूद के परमेश्वरी राइस मिलर्स ने 6 महीने से चावल जमा नहीं किया। दो बार नोटिस दिए। इसके बाद भी जवाब नहीं मिला। 5488 क्विंटल चावल जमा करना था। कलेक्टर के निर्देश पर बैंक गारंटी 1.94 करोड़ राजसात कर ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। अब यह मिलर्स कस्टम मिलिंग नहीं कर सकेगा।

बेलरगांव के श्री गजराज एग्रो इंडस्ट्रीज ने 7191 क्विंटल चावल जमा नहीं किया है। इन्हें भी 2 नोटिस जारी हुए थे। नोटिस का जवाब नहीं दिए हैं। 2.55 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी राजसात की कार्रवाई हुई।

जिले में 100 मिलर्स ने करीब 2 लाख क्विंटल अब तक चावल जमा नहीं किया है। 30 नवंबर तक जमा करना है। नहीं करने पर इन पर भी राजसात की कार्रवाई होगी। सभी को नोटिस जारी हुआ है।

राइसमिलरों ने किया कस्टम मिलिंग का बहिष्कार

सहकारी समिति कर्मचारियों का आंदोलन खत्म होने के बाद अब राइस मिलरों का विरोध शुरू हो गया है। राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश गोलछा, नवीन सांखला ने कहा कि कांग्रेस सरकार में कस्टम मिलिंग में पहले 120 रुपए प्रति क्विंटल मिलता था, जिसे मौजूदा सरकार घटाकर 60 रुपए कर दिया है। इससे धमतरी समेत पूरे प्रदेशभर के राइस मिलरों में गुस्सा है। जिले में अभी भी कस्टम मिलिंग खाते में साल 2021-22 का 214 राइस मिलरों को द्वितीय किस्त 48 करोड़ भुगतान बकाया है। राइस मिलरों ने राज्य सरकार को स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, खरीदी केंद्र से धान का उठाव नहीं करेंगे। न ही बारदाना दिया जाएगा। पंजीयन तक नहीं कराएंगे।

जिले में धान खरीदी शुरू

जिलेभर के 100 केंद्रों में धान खरीदी आज शुरू हो गई। पहले दिन अधिकारियों ने दिनभर खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। इलेक्ट्रॉनिक कांटे की पूजा-अर्चना कर तौलाई शुरू हुई। जिले के सीमा क्षेत्रों में अवैध धान की खरीदी-बिक्री रोकने बोराई, बनरौद, सांकरा, बांसपानी, सिंगपुर में 5 चेकपोस्ट बनाया है। खरीदी केंद्रों की निगरानी सीसी कैमरा से होगी।

जिले में इस साल खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान बेचने 1.27 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। सभी किसानों से अनुमानित 67.43 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य है। अधिकारियों का दावा है कि धान बेचने के 24 घंटे बाद किसानों के खाते में राशि आएगी। जिले में 65 हजार किसानों ने 260.50 करोड़ का कर्ज लिया है। ऐसे किसानों से ऑनलाइन लिंकिंग के माध्यम से वसूली होगी।

धान खरीदी एक नजर में

- जिले में धान खरीदी केंद्र- 100

- धान बेचने पंजीकृत किसान- 1 लाख 27 हजार 596

- धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य- 67 लाख 43 हजार 120 क्विंटल

- कर्ज लेने वाले किसान- 65 हजार 162

- कर्ज बांटा गया- 260 करोड़ 50 लाख 94 रुपए


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