धमतरी

कुएं में डूबने से बच्ची की मौत, आंबा कार्यकर्ता-सहायिका को बर्खास्त करने की मांग
28-Oct-2024 3:17 PM
कुएं में डूबने से बच्ची की मौत, आंबा कार्यकर्ता-सहायिका को बर्खास्त करने की मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

धमतरी, 28 अक्टूबर। मगरलोड के तेंदुभाठा गांव में संचालित आंगनबाड़ी की 3 वर्षीय बच्ची की कुएं में डूबकर मौत हो गई। इस घटना को लेकर पालक और ग्रामीणों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका के खिलाफ आक्रोश है। दोनों को बर्खास्त करने की मांग ग्रामीणों ने की है। मामले की जांच महिला व बाल विकास विभाग की टीम ने की है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

तेंदुभाठा निवासी आसदेव ध्रुव की 3 वर्षीय बेटी सेजल आंगनबाड़ी जाती थी। गत 23 अक्टूबर को आंगनबाड़ी में पढऩे सुबह 10 बजे छोड़ा। फिर अपनी ड्यूटी पर चला गया। दोपहर 2 बजे गांव की मितानिन ने फोन कर घर जल्दी आने कहा। गांव में आने पर झुरमुट झाड़ी के पास ग्रामीणों की भीड़ थी। पता चला कि उनकी बेटी सेजल की कुएं में डूबने से मौत हो गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर बच्ची का पोस्टमार्टम कराया। शव परिजनों को सौंपा। कुएं में डूबने से हुई मौत की घटना से पूरा गांव में शोक है। मांग है कि कार्यकर्ता-सहायिका को पद से हटाया जाए, तभी बच्चों को आंगनबाड़ी भेजा जाएगा। आंगनबाड़ी व स्कूल में ताला जडऩे ग्रामीण, पालक एक मत हैं। विडंबना यह कि घटना को 5 दिन बीत गया, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की है, जिसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। मासूम बच्ची की कुएं में डूबने से मौत की घटना पर जानबूझकर किसी के द्वारा धक्का मार कर गिराने की चर्चा है।

महिला बाल विकास विभाग अधिकारी महेश मरकाम ने बताया कि तेंदुभाठा में एक बच्ची की कुएं में गिरने से मौत हो गई। 26 अक्टूबर को 2 सुपरवाइजर विभागीय कर्मचारियों के साथ गांव पहुंची थी। रिपोर्ट उच्चाधिकारी को दिया जाएगा।

इधर, ग्रामीणों ने एकमत होकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका की लापरवाही से बच्ची की मौत और दोनों को दोषी बताया है। वहीं आरोप है कि आंगनबाड़ी सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक संचालित करना है, लेकिन मनमर्जी संचालित होती है। शासन की योजनाओं से वंचित रखा जाता है। हालांकि कार्यकर्ता-सहायिका ने सभी के समक्ष आरोपों को निराधार बताया है।


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