धमतरी

81सौ स्कूली बच्चों का बना अपार आईडी, 12 अंकों के कार्ड में दर्ज होंगे विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियां समेत अन्य रिकॉर्ड
21-Oct-2024 4:29 PM
81सौ स्कूली बच्चों का बना अपार आईडी, 12 अंकों के कार्ड में दर्ज होंगे विद्यार्थियों की शैक्षिक उपलब्धियां समेत अन्य रिकॉर्ड

9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों की बन रही अपार आईडी, 31 तक पूरा करने का लक्ष्य

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

धमतरी, 21 अक्टूबर। स्कूलों के छात्र-छात्राओं का जल्द ही ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बन जाएगाा। पहले चरण में 9वीं से 12वीं तक के छात्रों की आईडी बनाई जा रही है। इसके बाद दूसरे चरण में पहली से 12वीं तक के छात्रों की आईडी बनाई जाएगी। इस आईडी में शैक्षणिक योग्यता लोड रहेगी। अपार आईडी को वन नेशन वन स्टूडेंट के नाम से जाना जाएगा।

भारत सरकार ने सहमति पत्र में आंशिक संशोधन किया है। अपार आईडी सभी छात्र-छात्राओं के लिए अनिवार्य है। सनद हो कि आधार की तरह छात्र-छात्राओं का 12 अंकों का अपार कार्ड बनेगा। इसमें उनकी शैक्षिक उपलब्धियां सहित अन्य रिकॉर्ड दर्ज होंगे। यह वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी के तौर पर काम करेगा। भविष्य में संबंधित विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति व उपलब्धि अपार से ट्रैक की जा सकेगी। नई शिक्षा नीति-2020 के तहत स्कूली छात्र-छात्राओं का भी डेटा एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। जिले में 42 हजार छात्र-छात्रा पंजीकृत हैं, जिनमें से 8100 छात्रों की अपार आईडी बनाई गई है। 8 हजार छात्रों की आईडी प्रक्रिया में है। 26 हजार छात्रों की आईडी 31 अक्टूबर तक पूरी करनी है।

होगा आजीवन आईडी नंबर

सभी जानकारी डिजिटल के रूप में आईडी में रहेगी

अपार आईडी छात्रों के लिए फायदेमंद रहेगी। इसमें स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी ट्रांसफर, सर्टिफिकेट सत्यापन, स्किल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप, स्कॉलरशिप, अवॉर्ड, कोर्स क्रेडिट ट्रांसफर और अन्य कोई उपलब्धि जैसी सारी जानकारी डिजिटल रूप में समाहित रहेगी। यह अपार कार्ड एक डिजिटल कार्ड है। यह आजीवन आईडी नंबर है, जो छात्रों की शैक्षणिक यात्रा और उपलब्धियों को ट्रैक करता है। इस आईडी को बनाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। आधार में सही जानकारी होने पर ही आईडी बनेगी। इसमें माता-पिता की सहमति जरूरी है।

बच्चों को दिया जा रहा फार्मेट का फार्म

स्कूली बच्चों को अपार आईडी बनाने के लिए फार्मेट वाला फार्म दिया जा रहा है, जिसे पालक भरेंगे और स्कूल में जमा करेंगे। अपार आईडी बनाने की जिम्मेदारी समग्र शिक्षा शाखा की है, जो बच्चों की आईडी बनाकर उन्हें उपलब्ध कराएगा। इसमें 12 अंकों का यूनिकोड होगा। आईडी के लिए पालक और बच्चे का आधार कार्ड सही होना जरूरी है।

31 तक बनाने का लक्ष्य

डीईओ टीआर जगदल्ले ने बताया कि जिले में स्कूली छात्रों की अपार आईडी बनाई जा रही है। 42 हजार बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 8 हजार से अधिक छात्रों की आईडी बन चुकी है। शेष की प्रक्रिया में है। 31 अक्टूबर तक 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों की आईडी बनानी है। इसके बाद दूसरे चरण में पहली से 8वीं तक के छात्रों की अपार आईडी बनाई जाएगी।


अन्य पोस्ट