धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 10 अक्टूबर। कमार परिवारों को पीएम जनमन योजना के तहत आवास बनाने पैसों के लिए भटकना पड़ रहा है। पहली किश्त देकर जिला प्रशासन ने कच्ची घरों को तोड़वा दिया, लेकिन दूसरी किश्त के लिए अब भी भटकना पड़ रहा है। कमार परिवारों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्या बताई। उन्होंने कहा कि किश्त की राशि नहीं मिलने से आवास का काम अधूरा हैं।
दुगली के प्रभुलाल नेताम, बेलोरा मोहंदी के अनिल कमार ने बताया कि पीएम जनमन योजना के तहत 29 कमार हितग्राहियों को पहली किश्त की राशि मिली है। इस राशि से आवास का काम शुरू तो कराया, लेकिन अब तक दूसरी किश्त के लिए भटकना पड़ रहा है। आवास का काम अधूरा पड़ा है।
बुधलाल कमार, सरोज नेताम ने बताया कि राजपुर के चैतराम कमार, सुखुराम कमार, सुकालूराम कमार को दूसरी किश्त की राशि नहीं मिलने से आवास का काम बीच में ही रोकना पड़ गया। बिरनासिल्ली के एतवारी राम, भीषमपुरी के सुनाराम, घुरावड़ के धनमत बाई, सुरूज बाई, घोरागांव के नारद कुमार, भोयना की रोशनी, नरेश्वरी बाई का आवास अधूरा पड़ा हुआ है। कलेक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
107 कमार आवास की लाभ से वंचित
जिले के 107 कमार पीएम जनमन योजना के लाभ से वंचित हैं, जबकि सभी कमार आवास के लिए पात्रता रखते है। ऐसे लोग आज भी लकड़ी से बने कच्ची झोपड़ी में गुजर बसर करने मजबूर हैं। इनमें सेलबाहरा के पतिराम, सागरबती, नवलूराम, गीतकार मुड़ा के हीरालाल कमार, अमरसिंह, जंगल सिंग, सुखबती बाई, लिलांज के विष्णु राम, गणपत, ललिता बाई, पीपराहीभर्री के बलराम, सुमन बाई, धरमूराम, मोहरा के श्रवण कमार, महेश कमार, दशरथ कमार समेत कई कमार आवास योजना से वंचित है। विडंबना यह कि आज भी कई कमार बसाहट तक पक्की सडक़ नहीं बन सकी। कमारों की सर्वाधिक बुराहाल कुम्हड़ा, लिलांज, गीतकारमुड़ा, पिपराहीभर्री, राजपुर आदि गांवों में है।
130 गांव में हैं 1797 कमार परिवार
जिले के 130 गांव ऐसे हैं, जहां करीब 1797 कमार परिवार निवासरत हैं। इनकी जनसंख्या लगभग 6747 हैं। इनमें नगरी ब्लॉक के 75 पंचायत के 97 गांव में 4832 सदस्य, मगरलोड के 24 पंचायतों में 1710 सदस्य और धमतरी ब्लॉक के 6 पंचायतों के अधीन 8 गांव में 206 कमार सदस्य रहते हैं।


