धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 10 अक्टूबर। वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन धमतरी वन मंडल तर पर 2 अक्टूबर से शुरू किया, जिसका समापन 8 अक्टूबर को हुआ।
तीन अक्टूबर को 8 बजे मोटर साइकिल रैली के रूप में, संयुक्त वनमंडलाधिकारी, धमतरी मनोज विश्वकर्मा ने हरी झंडी दिखाकर वनमंडल कार्यालय परिसर से रवाना किया, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होकर मानव वन (गंगरेल) में समापन हुई।
इस सप्ताह के दौरान 8 अक्टूबर को स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन उपवनमंडल नगरी में एवं वन मंडल कार्यालय, धमतरी के नीलॉम हॉल में किया गया।
यह प्रतियोगिता को 2 ग्रुपों में बांटा गया था, जिसमें कक्षा 5 वीं से 8 वीं एवं कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थी ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने चित्रकला में वन्य प्राणी संरक्षण आवश्यक क्यों व वन्यजीवों की संख्या में कमी या खतरे के कारण विषय पर एवं निबंध में वन्य प्राणी और जल संरक्षण विषय पर निबंध लिखा।
60 विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया जिसमें 35 छात्राएं थी व 25 छात्र थे। आयोजित प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं को प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान आने पर प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न से पुरस्कृत किया गया। सांत्वना पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
मानव वन में वन्य जीवों के संरक्षण, संवर्द्धन एवं सुरक्षा जैसे मुद्दों पर वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों एवं आम नागरिकों को जागरूकता अभियान से जोड़ा गया। उप वनमंडलाधिकारी मनोज विश्वकर्मा ने वन्यप्राणी की महत्ता के बारे में बताया। कहा कि ग्रामीणों को वन्यप्राणी के संरक्षण के लिए जुडऩे हेतु आह्वान किया। वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष गंगरेल-मरादेव ने इस अवसर पर वन्य जीवों को प्रकृति का एक अनुपम उपहार बताया है।
वनमंडलाधिकारी जाधव श्रीकृष्ण ने आम जनता व ग्रामीणों से अपील की है कि वन्य प्राणियों के संरक्षण व संवर्धन हेतु स्व प्रेरित होकर संकल्प लेकर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर वन परिक्षेत्र अधिकारी धमतरी ओंकार सिन्हा, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी धमतरी राकेश तिवारी, अर्जुन निर्मलकर, वायरलेस ऑपरेटर राकेश रणसिंह, वनरक्षक नारायणी बारला, प्रियंका तिवारी, शशिकांत साहू, दीपक टंडन, डेमन निर्मलकर एवं अन्य स्टाफ तथा स्कूल से आये शिक्षक-शिक्षिका उपस्थित थीं।


