धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 9 सितंबर। रविवार की शाम से बारिश शुरू हुई, जो देर-रात तक होती रही। नगरी क्षेत्र में लगातार बारिश से मुरूमसिल्ली बांध 104 प्रतिशत भर गया है। इसकी क्षमता 5.839 टीएमसी है, जहां 5.867 टीएमसी पानी बांध में भर गया है। साइफन भी खुल गया है, इस वजह से 8 हजार से अधिक क्यूसेक पानी निकल रहा है। गंगरेल बांध से लगातार सिंचाई पानी छोड़े जाने के कारण बांध का जलस्तर 23.658 टीएमसी तक पहुंच गया है, जबकि बांध की क्षमता 32.150 टीएमसी की है। यहां से सिंचाई के नाम पर 10.689 टीएमसी पानी छोड़ा जा चुका है।
इधर मौसम विभाग अनुसार धमतरी जिले में यलो अलर्ट जारी किया। 8 सितंबर को धमतरी में बारिश हुई। 9 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने दी है। इसके बाद 10 सितंबर को हल्की बारिश की संभावना है। 11 सितंबर को धमतरी में फिर से तेज बारिश हो सकती है।
अब तक हो चुकी 885.4 मिमी औसत बारिश
जिले में एक जून से लेकर 9 सितंबर तक कुल 885.9 मिमी औसत बारिश हो चुका है। पिछले 24 घंटे में 37.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसमें नगरी में 36.8 मिमी और बेलरगांव 66.2 मिमी बारिश हुई। बारिश के सीजन में अब तक सर्वाधिक नगरी तहसील में 1178.4 मिमी बारिश हो चुकी है। दूसरे नंबर पर बेलरगांव है, जहां 1168.8 मिमी बारिश हुई है। तीसरे नंबर पर कुकरेल में 929.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। धमतरी तहसील में 818.3 मिमी, कुरुद में 775.1 मिमी, मगरलोड में 678.0 मिमी, भखारा में 649.5 मिमी बारिश हुई।
मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि एक अवदाब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है, इसके साथ उपरि हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।
इसके उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ते हुए पश्चिम बंगाल तट और उत्तर उड़ीसा तट के पास अगले 24 घंटे में पहुंचने की संभावना है। उसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए गंगेटिक पश्चिम बंगाल और उससे लगे उत्तर उड़ीसा झारखंड तथा उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर उसके अगले दो दिनों में पहुंचने संभावना है।
मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर बीकानेर, नारनौल, झांसी, दमोह, माना, पुरी और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर अवदाब के केंद्र तक स्थित है। प्रदेश में आज अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है। प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने तथा भारी वर्षा होने की भी संभावना है। भारी वर्षा का क्षेत्र मुख्यत: मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है।


