धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नवापारा-राजिम, 6 सितंबर । धमतरी जिले तथा नवापारा समीपस्थ ग्राम परसट्टी निवासी 61 वर्षीय विष्णु प्रसाद लोककला के पारंगत कलाकारों में से हैं। वे रामधुनी, भजन गायन के साथ अंचल में पंडवानी गायक के रूप में जाने जाते हैं। अंचल में विभिन्न लोक महोत्सवों के अलावा राज्योत्सवों में भी उनकी कार्यक्रमों की प्रस्तुति होते रहती है।
छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला से हम सभी भलीभांति परिचित हैंं। लोक कला की विभिन्न विधाओं को सहेजने और सर्वत्र बिखेरने का काम यहां के लोक कलाकार बखूबी करते आ रहे हैं। कलाकार अपनी कला को बिना किसी स्वार्थ के जन-जन पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। ऐसे ही माटी से जुड़े कलाकारों में धमतरी जिले के ग्राम परसट्टी निवासी 61 वर्षीय विष्णु प्रसाद साहू है, जो लोक कला की पंडवानी विधा के साथ भजन गायक भी हैं।
इतने उम्र होने के बाद भी उन्हें लोक कला के प्रति किसी तरह रुझान में कमी नहीं आई है और अपने अंतिम समय लोककला की साधना करते रहने के लिए संकल्प व्यक्त करते हैं। अपनी कला टीम के प्रति आश्वस्त यह कलाकार बिना किसी स्वार्थ प्रस्तुति को अपना धर्म मानते हैं। लोक कला के विभिन्न विधाओं के पारंगत कलाकार हैं आप अपने कला जीवन से जुड़े अनुभव को इस तरह व्यक्त किए।
उन्होंने बताया कि उनका प्रारंभिक जीवन कष्टमय रहा, क्योंकि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। पढ़ाई के प्रति लगाव तो था पर हालात ऐसा नहीं था कि आगे पढ़ाई जारी रखा जा सके इसलिए मीडिल स्कूल तक की शिक्षा ग्रहण की। परिवार में संगीत के प्रति भी किसी का रुझान नहीं था फिर भी उन्होंने संगीत को आत्मसात किया और नाटक मंडलियों में भाग लेकर शुरुआत की जो कि आज इस मुकाम पर है।
बड़ों और गुरुओं का आशीर्वाद और प्रेरणा मिलने से यात्रा निरंतर आज भी जारी है। उन्होंने बताया कि गृहग्राम के पास ग्राम बकली में झाड़ू राम देवांगन के पंडवानी के कार्यक्रम को देखकर पंडवानी गायन के प्रति उन्हें प्रेरणा मिली और कई वर्षों से पंडवानी गायक के रूप में अंचल में जाने जाते हैं। इस तरह संत-महात्माओं की वाणी को आत्मसात करते हुए सफल भजन गायक के क्षेत्र में अपना सहज बनाया है।
जीवन के प्रारंभिक अवस्था में रामधुनी पार्टी 12 वर्षों तक मंच संचालन करते रहे। इससे जुड़े रहकर आगे हरि कीर्तन के साथ लीला और नाट्य मंडलियों में गायन और अभिनय भी किए। रामायण प्रतियोगिताओं में भी वाचन का काम करते रहे हैं। इसी तरह वे कबीर पंथी होने के कारण चौका आरती में महंत के रूप में अपनी पहचान बनाई है। पिछले कई वर्षों से मोर मयारू जय महतारी पंडवानी समिति के माध्यम से पंडवानी गायन कर रहे हैं। इन सारी विधाओं को आत्मसात करते हुए विभिन्न शासकीय आयोजनों जैसे राज्योत्सवों, राजिम कुंभ मेला और विभिन्न महोत्सवों में वे अपनी प्रस्तुति देते रहते हैं। इसके साथ ही समय-समय पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न ग्रामों-शहरों में भी प्रस्तुति देते रहते हैं।
दुपहिया में भिडं़त, 2 जख्मी
धमतरी, 6 सितंबर। घड़ी चौक के पास तेज रफ्तार लूना सवार और स्कूटी सवार की टक्कर। दोनों घायल हुए हैं। लूना सवार बुजुर्ग का वाहन अनियंत्रित हो गया था, जिसके कारण वह लोगों को सडक़ से हटने आवाज लगा रहा था। इस बीच ट्रैफिक सिग्नल पर भीड़ होने के कारण टक्कर हुई। दोनों घायलों को ट्रैफिक पुलिस जवानों ने अस्पताल पहुंचाया।


