धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 5 सितंबर। दूषित खाद्य पदार्थों के उपयोग से ग्राम अंवरी में डायरिया फैल गया। अब तक यहाँ के 25 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद आधे से अधिक मरीजों को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल सिविल हॉस्पिटल में 9 लोगों का उपचार किया जा रहा है। डायरिया की शिकायत मिलते ही प्रशासन एक्शन मोड में आ गया। एम्स की माहमारी रोग नियंत्रण विशेषज्ञ की अगुआई में वहाँ हेल्थ कैंप लगाया गया है। पीएचई अपने जलस्रोतों की जांच एवं स्वस्थ्य अमला क्लोरीन से प्रदूषित एरिया को कव्हर करने में लगा है।
कुरुद ब्लॉक अंतगर्त ग्राम पंचायत अंवरी में दो दिन पहले एक ही घर के तीन सदस्यों को अचानक उल्टी दस्त होने की शिकायत हुई। फिर पास पड़ोस के अलावा अन्य मोहल्ले में इसके रोगी मिलने लगे। गंभीर डायरिया पीडि़तों को मंगलवार रात सिविल अस्पताल कुरुद में भर्ती कराया गया। अन्य लोगों का उपचार भखारा एवं जीजामगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं कुरुद से पहुंचे डॉक्टरों ने गांव में ही किया।
बीएमओ डॉ यूएस नवरत्न ने बताया कि अब तक यहाँ गंभीर 25 लोगों को भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद 16 मरीज को छुट्टी दे दी गई है। वर्तमान में 9 लोगों का उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अंवरी में हेल्थ शिविर लगा, मैदानी अमले को डोर टू डोर सर्वे के काम में लगाया गया है। इसके अलावा गाँव में दो एम्बुलेंस के साथ एम्स की माहमारी रोग नियंत्रण विशेषज्ञ डॉ.अवंतिका गुप्ता की टीम सभी पहलुओं का पता लगाने के लिए भेजी गई है।
गांव में डायरिया कैसे फैला, इसको लेकर पंचायत, स्वास्थ्य एवं पीएचई में मतभेद है। कुछ लोग इसे दूषित पेयजल की उपज बता रहे हैं। सरपंच का मानना है कि गडरिया तालाब में फैली गंदगी के चलते गाँव में यह बीमारी फैली है।
पीएचई एसडीओ पीएस गजेन्द्र का कहना है कि हमने अपने सभी जलस्रोतों का फिजिकल एवं केमिकल टेस्ट कराया सभी पैरामीटर में पेयजल दूषित नहीं पाया गया। गाँव के गडरिया तालाब में फैली गंदगी ही इस बिमारी की असली वजह है। बाहरहाल अलग-अलग दावे प्रति दावे के बीच प्रशासनिक अमला अंवरी में मौजूद है। जिसके चलते आज कोई नया केस सामने नहीं आया है। जिसे देखकर लगता है कि अब वहाँ डायरिया काबू में है।


