धमतरी

अब तोता पालने वालों को हो सकती है जेल पिंजरे में कैद पक्षियों को लेकर वन विभाग के आदेश
28-Aug-2024 1:54 PM
अब तोता पालने वालों को हो सकती है जेल पिंजरे में कैद पक्षियों को लेकर वन विभाग के आदेश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी,  28 अगस्त।
आपने अक्सर बहुत से लोगों के घरों में तोते को देखा होगा। पिंजरे में कैद तोता कई लोगों की घरों की शान बढ़ता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में रहने वालों के लिए अब तोता पालन मुश्किल हो जाएगा। तोता पालने पर आपको जेल भी जाना पड़ सकता है। दरअसल, वन विभाग ने एक आदेश जारी किया है। इसमें उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई  होगी, जो लोग अपने घरों में तोता पाल कर रखे हैं। वन विभाग ने 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। जिन लोगों के घरों में तोते हैं वह उसे ले जाकर वन विभाग को सौंप दें, इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने ऐसे लोगों को पाले गए संरक्षित पक्षियों को वन विभाग के कार्यालय या फिर नंदनवन-जू, रायपुर जंगल सफारी में जमा कराने हफ्तेभर का अल्टीमेटम दिया है। सूचना देने वालों के लिए बाकायदा टोल फ्री 1800233700 नंबर भी जारी किया है। नियम उल्लंघन पर संबंधित लोगों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जाएगा। 

3 साल तक की जेल
डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने कहा कि तोता या अन्य पक्षी, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 यथा संशोधित मई-2022 की अनुसूची में शामिल है, उनकी खरीदी, बिक्री और पालन करना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। इसे अपराध की श्रेणी में रखा गया है। ऐसा करते पाए जाने पर अपराधी को न्यायालय द्वारा 3 साल या अधिक का कारावास व 25 हजार अथवा जुर्माना या दोनों से दंडित करने का प्रावधान है। सूचना देने वाले का नाम, पता गोपनीय रखा जाएगा। खास बात यह कि यदि कोई पक्षी स्वस्थ है, तो उसे तत्काल प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में छोडऩा है। चिडिय़ाघर में केवल उन्हीं पक्षियों को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा, जो अस्वस्थ हैं। वन्य प्राणी डॉक्टर्स उनका इलाज करेंगे। जब वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे, इन्हें जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

वन विभाग की टीम करेगी छापेमारी
जारी आदेश के बाद अब तय समय के अंदर तोता, कछुआ समेत पक्षियों को डीएफओ कार्यालय में जमा करना होगा। सीमा पूरी होने के बाद वन विभाग की टीम लोगों के घरों की जांच करेगी। आदेश के बाद भी पक्षियों को पिंजरे में कैद रखने पर उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। वनकर्मियों, अधिकारी से लेकर उडऩदस्ता को जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी यदि किसी व्यक्ति के पास से तोता, मैना, बंदर, लंगूर, गिलहरी, कछुआ या संरक्षित प्रजाति के भारतीय वन्य प्राणी मिलता है, तो उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई होगी। इसे कहीं भी खरीदी-बिक्री करते नजर आए, तो लोग इसकी सूचना दे सकेंगे। जिसके बाद विभागीय अमला तत्काल मौके पर पहुंचेगा।
 


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