धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 25 जुलाई। कुरूद स्थित मरौद टोल प्लाजा से राहत देने समेत शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर धमतरी चेंबर आफ कॉमर्स तथा 33 विभिन्न समाज प्रमुखों की ओर से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। धमतरी शहर के विकास के लिए जरूरी योजनाओं को स्वीकृति दिलाने की मांग भी की।
बुधवार को धमतरी चेंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले बड़ी संख्या में विभिन्न समाज के प्रतिनिधि कलेक्टोरेट पहुंचे और कलेक्टर से मिलकर शहर विकास को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि धमतरी को जिला बने 26 साल हो गए, लेकिन उस मुताबिक धमतरी का विकास नहीं हुआ। आज धमतरी से जगदलपुर की दूरी 230 किमी है। इस रास्ते में तीनों टोल टैक्स में करीब 280 रुपए आने-जाने में लगते हैं। जबकि धमतरी से रायपुर मात्र 75 किमी है और यहां आने-जाने के लिए 195 रुपए लगते हैं। इसमें एकरूपता नहीं है। समाजजनों ने कहा कि धमतरी अंचल में 4 बड़े बांध हैं। पास में ही ओना कोना जैसे पर्यटन स्थल हैं। नरहरा जल प्रपात है। इसे डेवलप करने की दिशा में सरकार का ध्यान नहीं है। गंगरेल बांध प्रदेश का खूबसूरत पर्यटन स्थल है, लेकिन इसका गेट पिछले 7 साल से बंद पड़ा है। उनकी बातों को गंभीरता से सुनने के बाद अधिकारी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में विजय गोलछा, कैलाश कुकरेजा, चंद्रकुमार जसवानी, नरेन्द्र रोहरा, सुनील जैन, दिनेश रोहरा, नंदलाल जसवानी, जगजीवन सिंह जीवा, रविंद्र सिंह छाबड़ा, आलोक पांडेय, नरेन्द्र खंडेलवाल, रमेश लहरे, चैनसुख पारख समेत बड़ी संख्या में विभिन्न समाज के प्रतिनिधि शामिल थे।


