धमतरी

विशाखापट्टनम रोड के लिए चढ़ रही क्षेत्रीय सडक़ों की बलि
20-Dec-2023 8:52 PM
विशाखापट्टनम रोड के लिए चढ़ रही क्षेत्रीय सडक़ों की बलि

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कुरुद, 20 दिसंबर। पहले तो क्षेत्रवासी रेत डंपर से ही हलाकान थे, अब भारतमाला परियोजना के तहत बनने वाली विशाखापट्टनम रोड में प्रयुक्त निर्माण समाग्री परिवहन में लगी भारी-भरकम वाहनें क्षेत्र की सडक़ों को रौंद बर्बाद कर रही है। जिससे लोगों को आए दिन दुर्घटना एवं आवागमन में भारी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि रायपुर को विशाखापट्टनम को जोडऩे के लिए भारतमाला परियोजना के तहत एनएच 30 से कुरुद के भीतरी इलाकों से ऊंची एवं चौड़ी सडक़ों का निर्माण किया जा रहा है। पहले तो संबंधित ठेकेदार द्वारा पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों से सांठगांठ कर आसपास की खाली जमीन को खोदकर मिट्टी और मुरुम से रोड का बेस लाइन तैयार कर लिया गया। अब सडक़ की उपरी सतह तैयार करने फ्लाई ऐश बड़े शहरों से मंगाया जा रहा है। 60-70 टन वजनी लंबी हाइवा के आवागमन से क्षेत्र की अधिकांश ग्रामीण सडक़ें खस्ताहाल हो गई है।

इसका अंदाजा नेशनल हाइवे से 17 सौ मीटर लंबी कुरुद बायपास मार्ग की स्थिति देखकर लगाया जा सकता है। कई बार तोडऩे फिर बनाने के बाद भी यह सडक़ निर्माण काल से ही धंसने लगी थी। इस टू लेन सडक़ में भारी वाहनों के पहियों से दबकर करीब दो तीन इंच गहराई तक लम्बे सिंक पड़ गये हैं। नगर के इस व्यस्ततम मार्ग में पड़े लहरदार सिंक के चलते वाहन चालक अपना नियंत्रण स्टेरिंग से खो रहे हैं । जिसका खामियाजा आये दिन होने वाले हादसों का शिकार होने वाले लोग उठा रहे हैं।

लोकनिर्माण विभाग कुरुद के अनुविभागीय अधिकारी आरएस गंजीर ने बताया कि भारी वाहनों के चलते पीएमजीएसवाए के तहत करोड़ों की लागत से ग्राम सिवनीकला, संकरी, चिंवरी की सडक़ें धंस गई है। इसी तरह सीजीआरएडी मद से बनी मेघा, सिंगपुर, दुगली मार्ग भी बर्बाद हो गया है। मौका निरीक्षण में पाया गया कि 9 से 15 टन की भार क्षमता वाली हमारी सडक़ों पर 60 से 70 टन वजनी गाडिय़ां चल रही हैं।

धमतरी पीडब्ल्यूडी के ईई एस के नेताम ने बताया कि इस बारे में एनएचआई के अधिकारियों को लगातार पत्र व्यवहार के माध्यम से अपनी समस्या बताई गई, संबंधित निर्माण एजेंसी को भी नुकसान की भरपाई के लिए कहा गया है ।


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