धमतरी
मतदान में महिलाएं रहीं पुरुषों से आगे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
धमतरी, 21 नवंबर। धमतरी जिला प्रदेश में सर्वाधिक मतदान करने वाला जिला बन गया है। इसका श्रेय कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ऋतुराज रघुवंशी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन को जाता है। जिले की वनांचल सिहावा विधानसभा में नक्सल गतिविधियों के बावजूद इस बार रिकार्ड मतदान हुआ है। वर्ष 2018 के विधानसभा में जहां सिहावा विधानसभा क्षेत्र का कुल मतदान फीसदी 82.86 था, जो इस बार बढक़र 87.63 हो गया है। इस तरह लगभग 4.78 फीसदी अधिक मतदान हुआ है। विधानसभा में अधिक मतदान के कारणों में मुख्य कारण यहां के लोगों को अपने मताधिकार का उपयोग करने हेतु प्रेरित करने के साथ-साथ उनके चुनाव बहिष्कार करने के कारणों को कलेक्टर द्वारा संज्ञान में लेकर तत्काल सुलझाना और नक्सली गतिविधियों की रोकथाम हेतु सही रणनीति बनाना।
नगरी के बरबांधा के ग्रामीणों ने गत दिनों गांव में ही मतदान केन्द्र की मांग करते हुए मतदान बहिष्कार करने की बात कही थी। इस बात को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ऋतुराज रघुवंशी ने ग्रामीणों के साथ बैठक आहूत करने के निर्देश अधिकारियों को दिये थे। उक्त निर्देश के परिपालन में जनपद सीईओ एवं तहसीलदार कुकरेल की उपस्थिति में ग्रामीणों की बैठक ली। बैठक में अधिकारियों से ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि आगामी चुनाव में मतदान हेतु सभी प्रक्रिया पूरी कर ग्राम बरबांधा में मतदान केन्द्र खोलने का प्रस्ताव भेजा जायेगा। इस पर ग्रामीणों ने भी अधिकारियों को आश्वस्त किया कि विधानसभा निर्वाचन 2023 में सभी ग्रामवासी मतदान केन्द्र डोंगरीपारा बरबांधा-94 में शांतिपूर्ण मतदान की सहमति दी थी। पिछले विधानसभा निर्वाचन में जहां इस मतदान केन्द्र का फीसदी 79.82 था, जो इस वर्ष बढक़र 88.51 फीसदी हो गया, जो कि 8.69 हो गया।
नक्सली गतिविधयां रही नाकाम
विधानसभा निर्वाचन 2023 पर नकारात्मक प्रभाव डालने नक्सलियों ने मतदान से पहले सिहावा विधानसभा में दहशत फैलाने गाताबाहरा- खल्लारी मार्ग में आईईडी ब्लास्ट कर दहशत फैलाने की कौशिश की। वहीं पर्चे फैंककर मतदान नहीं करने की चेतावनी दी थी। जिला प्रशासन की कुशल रणनीति, सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा कर क्षेत्र के लोगों ने उत्साह के साथ बिना किसी डर, भय के मतदान कर रिकार्ड बनाया है।
सिहावा विधानसभा क्षेत्र में महिलायें मतदान करने में रही आगे
सिहावा विधानसभा क्षेत्र में मतदान का फीसदी बढने का एक कारण यह भी रहा कि यहां की महिला मतदाताओं ने पुरूष मतदाताओं की अपेक्षा अधिक मतदान किया। विधानसभा क्षेत्र में कुल 1 लाख 93 हजार 317 मतदाता है, जिनमें पुरूष मतदाता 94 हजार 489 महिला मतदाता 98 हजार 826 इनमें से 1 लाख 69 हजार 417 मतदाताओं ने वोट डाले है। जिनमें 82 हजार 338 पुरूष मतदाताओं 87 हजार 77 महिला मतदाताओं ने वोट डाले।
स्वीप गतिविधियां रही प्रभावी
विधानसभा क्षेत्र में मतदान का फीसदी बढ़ाने में स्वीप गतिवधियां भी प्रभावी सिद्ध हुई है। स्वीप गतिविधियों में युवाओं, महिलाओं, तृतीय लिंग, स्कूली बच्चों, शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित अन्य वर्गो को संगठित कर विभिन्न स्वीप गतिविधियां आयोजित की गयी थी, जिनमें रैली, नक्कड़ नाटक, फ्लैश मॉब, पेंटिंग, रंगोली, नारा लेखन, सलाद सजाओं प्रतियोगिता, लिंगल, दीपदान महोत्सव, स्वीप आईकान के माध्यम से सांस्कृतिक कार्यक्रम, कठपुतली नृत्य एक अभियान क्षेत्र में चलाया गया, जिसकी वजह से क्षेत्र में मतदान का फीसदी बढ़ा है।


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