धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नगरी, 27 अक्टूबर। शासकीय सुखराम नागे महाविद्यालय नगरी में प्रभारी प्राचार्य प्रो.आर.आर.मेहरा के मार्गदर्षन एवं इतिहास विभागाध्यक्ष हितेषा नंद ठाकुर के संयोजन, डॉ.संध्यारजनी मिश्रा के सहसंयेाजन में इतिहास विभाग में श्बदलते वैश्विक परिदृष्य में संयुक्त राष्ट्र संघ की भूमिका के विशेष संदर्भ में संगोष्ठी का आयोजन किया गया । जिसमें प्राध्यापकगण एवं एम.ए. स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों ने इस विषय पर अपनी प्रस्तुतिकरण दिया ।
संगोष्ठी के संयोजक प्रो. हितेषा नंद ठाकुर ने इस आयोजन के उद्देष्य को बताते हुए कहा कि इस संगेाष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों में अंतराष्ट्रीय समसामयिक मुद्दों पर समझ विकसित करना एवं उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि व्यापम/पीएससी/युपीएस की परीक्षाओं में अंतराष्ट्रीय समसामयिक मुद्दों एंव संगठन के बारे में प्रष्न पूछे जाते है। आगे उन्होंने बताया कि यू.एन.ओ. की स्थापना 24 अक्टुबर 1945 में की गई थी, इसलिये पूरे विष्व में सदस्य राष्ट्रों के द्वारा 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र स्थापना दिवस मनाया जाता है और 2023 में 78 वें स्थापना दिवस के अवसर पर इस संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।
उन्होंने संगोष्ठी के विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि यू.एन.ओ. की मजबूती और दृढ़ता जरुरी है। साथ ही सुरक्षा परिषद के स्वरुप एवं वैष्विक प्रतिनिधित्व की कमी में सुधार जैसे आवष्यकताओं पर बल दिया जिससे कि रुस-युक्रेन युद्ध, इजराइल-गाजा जंग में कड़ा रुख अपनाकर सक्रियता के साथ निर्णय लेने में सक्षम हो सके और तृतीय विश्वयुद्ध जैसे संभावनाओं को रोका जा सके । साथ ही साथ उन्होने यू.एन.ओ. के इन युद्धों में मानवीय सहायता एवं उपलब्ध्यिों के बारे में भी चर्चा की। राजनीति विज्ञान के प्रो.आर.आर.मेहरा ने सुरक्षा परिषद में भू-राजनीतिक एवं आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण देष जैसे भारत, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, जापान, कनाडा को स्थायी सदस्यता देने पर जोर दिया। उन्होंने यू.एन.ओ. में भारत की भूमिका पर भी चर्चा की।
डॉ.ममता सौरज ने यू.एन.ओ. के प्रमुख अंगों एवं अभिकरणों पर प्रकाश डाला एवं विद्यार्थियों को संगोष्ठी में सम्मिलित होने के लिये प्रोत्साहित किया । संगोष्ठी में इंद्राणी साहू, अश्विनी कुमार, काजल खत्री, लिलेश्वरी, राखी मेश्राम, नीलम साहू आदि ने इस विषय पर प्रस्तुतिकरण दी। इस अवसर पर डॉ.दीपा देवांगन, डॉ.संध्यारजनी मिश्रा, डॉ.अंबा शुक्ला, उर्वषी साहू, उपस्थित रही। इस संगोष्ठी में बीए इतिहास विषय के विद्यार्थियों ने अपनी सहभागिता प्रदान की।


