धमतरी

कुरुद सहित जिले की तीनों सीटों में लड़ेगी हमर राज पार्टी-अरविंद नेताम
13-Oct-2023 3:11 PM
कुरुद सहित जिले की तीनों सीटों में लड़ेगी हमर राज पार्टी-अरविंद नेताम

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरूद, 13 अक्टूबर।
छत्तीसगढ़ में 15 साल भाजपा एवं अब 5 साल कांग्रेस की सरकार देखने के बाद आदिवासी समझ गए की उन्हें उनका संविधानिक अधिकार मांगने से नहीं मिलेगा, हमें ही मैदान में उतरना होगा। इसलिए सर्व आदिवासी समाज ने अपनी राजनीतिक पार्टी बना आरक्षित सीटों सहित करीब 50 सीटों पर चुनाव लडने की तैयारी की है। उक्त बातें हमर राज पार्टी के संयोजक पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।

 गुरुवार शाम आदिवासी सामुदायिक भवन कुरुद में आयोजित प्रेस वार्ता में श्री नेताम ने कहा कि सालों से हम अपनी 23 सूत्रीय मांगें मनवाने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन, हड़ताल, चक्का जाम कर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते आए हैं, लेकिन हमें अपने ही सांसद विधायक मंत्रियों का साथ नहीं मिला। भाजपा से धोखा खाकर हमने पिछले चुनाव में बस्तर और सरगुजा की सभी सीटें कांग्रेस के झोली में डाल दी, पर हमें क्या मिला ? नये नियम बना पेशा कानून को कमजोर कर दिया गया है। नतीजन आदिवासी आज भी जल जंगल जमीन पर अपने संवैधानिक अधिकार के लिए संघर्षरत हैं। ऐसे में हमारे सामने दो ही रास्ते बचे थे एक तो हम हथियार उठा लें या लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड सरकार में शामिल हों। समाज ने मजबूर होकर हमर राज पार्टी का गठन किया है। जिसके बैनर तले 29 आरक्षित सीटों के अलावा कुछ जनरल सीटें जिनमें आदिवासी मतदाताओं की संख्या अधिक हो में चुनाव लडऩे की तैयारी की है। समान्य सीटों पर हम ओबीसी सहित किसी भी वर्ग के जिताऊ व्यक्ति को प्रत्याशी बना सकते हैं। 

छत्तीसगढ़ में दो दलिय व्यवस्था में तीसरे दल की संभावना को लेकर पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी गठन के बाद हमने गोंडवाना गणतंत्र, बसपा, आप जैसी छोटी पार्टियों से तालमेल बिठाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। चुनावी खर्च के लिए फंड की व्यवस्था को लेकर पुछे गए सवाल का जवाब देते हुए श्री नेताम ने बताया कि हम समाज हित में राजनीतिक लड़ई लड़ रहे हैं, खर्च की व्यवस्था भी समाज को ही करना है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग अपने निर्वाचन क्षेत्र से हमारे संभावित प्रत्याशियों को चुनाव नहीं लडऩे के लिए डराने धमकाने लगे हैं, वैसे लोगों को मेरा कहना है कि हमें छेड़ोगे तो फिर सम्हालना मुश्किल हो जाएगा। 

इस मौके पर बीएस रावटे, जीवराखन लाल मरई, कमल नारायण ध्रुव, संतोष सोरी, कांशीराम कंवर आदि सामाजिक पदाधिकारी मौजूद थे।

 


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