धमतरी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कुरुद, 8 जुलाई। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर विखं कुरूद के समस्त विभाग के कर्मचारी अधिकारी के द्वारा एसडीएम को मुख्य सचिव के नाम से ज्ञापन सौंपा गया। शुक्रवार को रिमझिम बारिश के बीच बड़ी संख्या में शासकीय कर्मचारी अधिकारी अपनी मुख्य मांगे मनवाने सडक़ पर उतरे। तहसीलदार नीलकंठ जनबंधु को ज्ञापन सौंप ब्लॉक संयोजक मनोज टंडन ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है, कि राज्य के कर्मचारियों को अपनी डीए के मांग के लिए सडक़ पर उतरने बाध्य होना पड़ा है। केन्द्र और राज्य सरकार के बीच अनुबंध है कि जब केन्द्रीय डीए में वृद्धि होगी तब राज्य को भी अपने कर्मचारियों को केन्द्र के सामान देना होगा। सातवें वेतनमान में गृह भाड़ा, वेतन विसंगति की समस्या को राज्य के कर्मचारी झेल ही रहे हैं। संविदा और अनियमित कर्मचारी को नियमित करने जैसे वादे को पूरा न करना, 33 वर्ष पूर्ण पेंशन को घटाकर 25 वर्ष करना, जैसी छोटी छोटी मांगों को आसानी से पूरा किया जा सकता है। किन्तु सरकार अपनी हठधर्मिता में इठला रहीं हैं। सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करतीं हैं तो 1 अगस्त से हम अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
में फेडरेशन संरक्षक देवेन्द्र दादर, राजेश पाण्डेय, दिनेश साहू, हूमन चन्द्राकार, लुकेश साहू, योगेन्द्र चन्द्राकर, कल्याण ध्रुव, प्रेम ठाकुर, जितेन्द्र सोनकर, डॉ. यूएस नवरत्न, डॉ. जेपी दीवान, डॉ. खेमराज देवांगन, मयूरी भतपहरी, मोहित ध्रुव, हरिशंकर साहू, देवराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र साहू, पवन बासकर, नूतन चन्द्राकार, नंदकुमार हिरवानी, अशोक निर्मल, शिप्रा कन्नौजे, उषा लहरे, पारेश्वरी साहू, झालेन्द कंवर, हुलेश चंद्राकर, दिनेश साहू नरेंद्र सेवई, पेंशनर संघ से वेदनाथ चन्द्राकार, महेंद्र साहू एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शामिल थे।


